‘Ishq Karo Party’ Launch: Former Supreme Court judge forms new political party
भारत की राजनीति में एक अनोखा और विवादित मोड़ सामने आया है। Supreme Court के पूर्व जज Markandey Katju ने “Ishq Karo Party (IKP)” नाम से एक नया राजनीतिक दल शुरू करने का ऐलान किया है।
इस नई political party के जरिए उन्होंने देश के कई अहम मुद्दों जैसे poverty, hunger, education, healthcare और unemployment को उठाने की बात कही है।
पार्टी लॉन्च और मेंबरशिप अभियान (Membership Drive)
जस्टिस काटजू ने घोषणा की है कि:
पार्टी के लिए membership drive शुरू कर दी गई है
जल्द ही official website और Instagram page लॉन्च किया जाएगा
44 वर्ष से अधिक उम्र के लोग पार्टी में शामिल हो सकते हैं
उन्होंने यह भी कहा कि इच्छुक लोग संपर्क कर सकते हैं और उन्हें पार्टी में पद भी दिया जा सकता है।
पदाधिकारियों की नियुक्ति (Party Structure Announcement)
IKP (Ishq Karo Party) के भीतर उन्होंने पहले से ही कुछ पदों की घोषणा कर दी है।
उन्होंने कहा:
सदस्य बनने पर लोगों को उपाध्यक्ष (Vice President) जैसे पद दिए जा सकते हैं
पार्टी का उद्देश्य सामाजिक मुद्दों को नए तरीके से उठाना है
अध्यक्ष के रूप में इरफान अली का नाम सामने आया है
CJP पर तीखा हमला (Controversy Statement)
इस बीच जस्टिस काटजू ने CJP (Citizens for Justice and Peace) से जुड़े कार्यकर्ताओं और संस्थापक Abhijit Dipke पर भी तीखी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि:
सिर्फ मंत्री के इस्तीफे की मांग से बड़ा बदलाव नहीं होगा
अगर एक मंत्री हट भी जाए तो दूसरा आ जाएगा
असली मुद्दों पर काम करने की जरूरत है
उन्होंने यहां तक कहा कि उनके अनुसार यह रणनीति “बेकार” है, और लोगों को IKP से जुड़ना चाहिए।
CJP आंदोलन और राजनीतिक बहस (CJP Protest Context)
CJP की ओर से हाल ही में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन किए गए थे।
उनका फोकस था:
NEET exam controversy
CBSE on-screen marking system issues
शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग
संगठन का कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं।
नया राजनीतिक एंगल या व्यंग्य? (Political Debate)
“Ishq Karo Party” को लेकर राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया में बहस शुरू हो गई है कि:
क्या यह एक serious political movement है
या फिर एक symbolic / satirical initiative
हालांकि जस्टिस काटजू का दावा है कि इसका मकसद देश की सामाजिक और आर्थिक समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना है।
“Ishq Karo Party (IKP)” के लॉन्च के साथ भारतीय राजनीति में एक नया और अनोखा प्रयोग सामने आया है। जहां एक तरफ इसे नए विचारों की पहल माना जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह विवाद और बहस का कारण भी बन गया है।