अमेरिका के ‘जवाबी टैरिफ’ पर भारत का मास्टरस्ट्रोक: 4 प्रभावी विकल्प
भारत ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित ‘जवाबी टैरिफ’ के प्रति सूझबूझ और संयम दिखाया है। वैश्विक व्यापार की स्थिति को देखते हुए, भारत ने ‘Wait and Watch’ की नीति अपनाई है। जबकि अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाएं प्रतिक्रिया देने में जल्दबाजी दिखा रही हैं, भारत ने पहले संभावित प्रभावों का विश्लेषण करने का निर्णय लिया है।
भारत की चार-स्तरीय रणनीति: भारत सरकार ने चार संभावित परिस्थितियों और उनके भारतीय व्यापार पर प्रभाव का गहन अध्ययन किया है:
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यदि यह टैरिफ उत्पाद-विशिष्ट है, तो चीन, मैक्सिको, कनाडा और यूरोपीय संघ के निर्यात पर अधिक असर पड़ेगा, जिससे भारतीय उत्पादों को Competitive Advantage मिल सकता है।
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क्षेत्र-विशिष्ट टैरिफ की स्थिति में सभी देशों को Extra Cost और Reduced Profit का सामना करना पड़ेगा।
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यदि यह टैरिफ किसी विशेष देश के लिए लागू होता है या Secondary Tariff के रूप में आता है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर Negative Impact हो सकता है।
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अंतिम विकल्प के रूप में भारत अपनी Trade Policy में बदलाव कर सकता है जिससे Export Market को मजबूत किया जा सके।