Palm Jumeirah से West Asia Crisis तक, खौफ में भारतीय परिवार

United Arab Emirates के शहर Dubai और Abu Dhabi इन दिनों Middle East Conflict की आंच झेल रहे हैं। Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात ने खाड़ी देशों में बसे हजारों भारतीयों की चिंता बढ़ा दी है। आसमान में उड़ती मिसाइलें, तेज धमाके और मोबाइल पर बजते ‘War Alert’ सायरन ने लोगों की नींद उड़ा दी है।

Dubai के पॉश इलाके Palm Jumeirah से लेकर ग्रेटर दुबई तक दहशत का माहौल है। देहरादून के गौरव पेटवाल ने बताया कि एक इमारत में धमाके के बाद आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। वहीं अबूधाबी में रह रहे प्रवासियों ने कहा कि फ्लैट के ऊपर से गुजरती मिसाइलें जमीन पर गिरते ही धरती हिला देती हैं। कई लोगों को रात में बिल्डिंग खाली कर सुरक्षित स्थानों पर भागना पड़ा।

लगातार हमलों के डर से सुपरमार्केट और डिपार्टमेंटल स्टोरों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग हफ्तों का राशन, पानी और दवाइयां जमा कर रहे हैं। कई जगह सब्जियां और जरूरी सामान खत्म होने की खबरें हैं। कंपनियों ने construction sites और outdoor projects पर काम रोककर मजदूरों को सुरक्षित कैंपों में भेज दिया है।

दूसरी ओर, Iran में इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से उत्तराखंड समेत कई राज्यों के परिवारों की चिंता बढ़ गई है। हरिद्वार और देहरादून के कई छात्र और परिवार वहां फंसे हैं, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा। उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि वह हालात पर नजर रखे हुए है और केंद्र सरकार के निर्देशों का इंतजार कर रही है। फिलहाल विदेश मंत्रालय के पोर्टल पर ही फंसे भारतीयों की जानकारी दर्ज की जा रही है।

West Asia Crisis का सीधा असर भारतीय प्रवासियों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है। War Zone जैसे हालात ने खाड़ी देशों में रहने वाले हजारों भारतीयों को असुरक्षा और अनिश्चितता के माहौल में ला खड़ा किया है।