Attention AC and fridge users! UPCL may take this action if you don't increase your electricity load.
Dehradun Electricity News: देहरादून में बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने स्वीकृत क्षमता से ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। ऐसे करीब 2500 Electricity Consumers को नोटिस जारी किए गए हैं, जिन्हें अपनी वास्तविक खपत के मुताबिक बिजली का लोड बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय पर लोड नहीं बढ़ाने पर Penalty लगाने के साथ बिजली कनेक्शन काटने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
कम Load पर ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वालों पर नजर
UPCL के अनुसार, देहरादून में कई उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके घरों में बिजली की खपत उनके Sanctioned Load से काफी ज्यादा हो गई है। विभागीय जांच में ऐसे कनेक्शन सामने आए हैं, जिनमें लगातार तीन Billing Cycles के दौरान स्वीकृत क्षमता से अधिक लोड दर्ज किया गया।
इसी आधार पर ऊर्जा निगम ने ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान शुरू की है। नोटिस के जरिए उन्हें बिजली के वास्तविक इस्तेमाल के अनुरूप अपना स्वीकृत लोड बढ़ाने को कहा जा रहा है। ऐसा नहीं करने पर नियमों के अनुसार अतिरिक्त शुल्क और अन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
80 साल पुराने घर का कनेक्शन बना उदाहरण
चुक्खु मोहल्ले के रहने वाले जितेन्द्र जैन का मामला भी इसी स्थिति का उदाहरण है। उनके पुश्तैनी मकान में करीब 80 साल पहले 1 Kilowatt Electricity Connection लिया गया था। समय के साथ घर का विस्तार हुआ और बिजली से चलने वाले उपकरणों की संख्या भी बढ़ती गई, लेकिन स्वीकृत बिजली लोड में कोई बदलाव नहीं किया गया।
अब UPCL की ओर से उन्हें भी लोड बढ़ाने का नोटिस मिला है। ऊर्जा निगम का कहना है कि शहर में बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके घरों में बिजली की जरूरत पुराने स्वीकृत लोड की तुलना में काफी बढ़ चुकी है।
AC से EV तक बढ़ी बिजली की जरूरत
कुछ साल पहले तक अधिकांश घरों में सीमित संख्या में बिजली के उपकरण इस्तेमाल होते थे। अब घरों में Air Conditioner, Refrigerator, Washing Machine, Microwave, Induction, Geyser और Electric Vehicle जैसे उपकरण आम होते जा रहे हैं।
कई घरों में एक से अधिक AC और दूसरे हाई-पावर उपकरण एक साथ चलने लगे हैं। ऐसे में पुराने Sanctioned Load के मुकाबले वास्तविक बिजली खपत काफी बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, उपभोक्ताओं को समय रहते अपने कनेक्शन का लोड बढ़वा लेना चाहिए। इससे अतिरिक्त शुल्क या Penalty से बचने के साथ बिजली व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने में मदद मिलती है।
Load नहीं बढ़ाया तो बिल में बढ़ सकता है Fixed Charge
UPCL अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली इस्तेमाल करने और समय पर लोड अपडेट नहीं कराने पर उपभोक्ताओं से Double Fixed Charge वसूला जा सकता है। इसका सीधा असर बिजली बिल पर पड़ता है और उपभोक्ता को सामान्य से ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।
दक्षिण जोन के ईई मनोज अग्रवाल ने बताया कि उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन की क्षमता और वास्तविक खपत के बीच अंतर पर ध्यान देना चाहिए।
अलग-अलग डिविजन में जारी हुए सैकड़ों नोटिस
UPCL की कार्रवाई देहरादून के अलग-अलग डिविजन में भी जारी है। केंद्रीय डिविजन के ईई गौरव सकलानी के मुताबिक उनके क्षेत्र में अब तक करीब 980 Notices जारी किए जा चुके हैं।
वहीं उत्तर डिविजन के ईई एसडीएस बिष्ट ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे अपने बिजली बिल में दर्ज Load और Electricity Consumption की जानकारी नियमित रूप से चेक करें। अगर वास्तविक खपत स्वीकृत लोड से लगातार ज्यादा है तो समय रहते लोड बढ़वाना बेहतर होगा।
समय पर Load बढ़ाने से मिलेगी राहत
मोहनपुर डिविजन के ईई अरविंद कुमार के मुताबिक, समय के साथ घरों में बिजली से चलने वाले उपकरणों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ऐसे में उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार Electricity Load Upgrade कराना चाहिए।
इससे न केवल उपभोक्ताओं को अनावश्यक Penalty और अतिरिक्त बिल से बचने में मदद मिलेगी, बल्कि बिजली व्यवस्था पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी कम होगा। उपभोक्ता अपने क्षेत्र के बिजलीघर के SDO से संपर्क कर यह जानकारी ले सकते हैं कि उनके घर की मौजूदा खपत के हिसाब से कितना लोड स्वीकृत होना चाहिए।
देहरादून के बिजली उपभोक्ता इन बातों का रखें ध्यान
अगर आपके घर में पिछले कुछ वर्षों में AC, Geyser, EV Charger या दूसरे Heavy Electrical Appliances बढ़े हैं, तो अपने बिजली कनेक्शन का Sanctioned Load जरूर चेक करें। लगातार ज्यादा खपत होने की स्थिति में समय रहते Load Enhancement के लिए आवेदन करना बेहतर है। UPCL की मौजूदा कार्रवाई को देखते हुए लापरवाही करने पर अतिरिक्त शुल्क से लेकर Connection Disconnection तक की परेशानी हो सकती है।