Middle East tensions are affecting India: Why are Shia protests intensifying in Uttarakhand?
ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की कथित मौत की खबर सामने आते ही उत्तराखंड के Shia Muslim Community में गहरा शोक और तीखा आक्रोश देखने को मिला। Dehradun, Vikasnagar, Manglaur और Haridwar सहित कई शहरों में Protest, Majlis और Mourning Procession आयोजित किए गए। समुदाय के लोगों ने उन्हें एक प्रभावशाली Religious Leader और Global Political Figure बताते हुए Israel और America की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताई।
राजधानी Dehradun के इमामबारगाह में विशेष शोकसभा आयोजित की गई, जहां धार्मिक विद्वानों ने कहा कि खामेनेई ने जीवनभर दबे-कुचले लोगों के अधिकारों की आवाज उठाई। Vikasnagar में नमाज के बाद निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और America-Israel विरोधी नारे लगाए। Manglaur में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस Protest को और व्यापक रूप दिया, जहां सैकड़ों महिलाएं काली पट्टियां बांधकर सड़कों पर उतरीं।
Haridwar के ज्वालापुर क्षेत्र में स्थित मदरसे में Peace Prayer और Ceasefire की अपील की गई। धार्मिक नेताओं ने Middle East Conflict को समाप्त करने और Global Peace बनाए रखने की बात कही।
इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय प्रशासन ने Security Alert जारी रखते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। Ayatollah Khamenei की मौत की खबर ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनका प्रभाव केवल Iran तक सीमित नहीं था, बल्कि वे International Politics और Islamic Leadership में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। फिलहाल Uttarakhand में शोकसभाओं और विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है, और Iran-Israel War को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है।