गलवान के बाद पहली बड़ी राहत! चीन की 4 कंपनियों को भारत में टेंडर भरने की अनुमति क्यों?

भारत सरकार ने Power Sector से जुड़े एक अहम फैसले में भारत में उत्पादन कर रही चार Chinese Companies को सरकारी बिजली परियोजनाओं के टेंडर में हिस्सा लेने की विशेष अनुमति दी है। यह फैसला गलवान संघर्ष के बाद लागू किए गए कड़े नियमों के बीच आया है और इसे ऊर्जा क्षेत्र की जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है।

किन चार कंपनियों को मिली छूट?

केंद्र सरकार ने जिन चार कंपनियों को राहत दी है, वे हैं—

TBEA Energy India
Nanjing Electric India
New Northeast Electric India
Taikai Electric India

ये कंपनियां भारत में बिजली ट्रांसमिशन से जुड़े महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण करती हैं।

किस नियम से मिली राहत?

वित्त मंत्रालय के Department of Expenditure ने 24 जून को जारी आदेश में इन कंपनियों को सार्वजनिक खरीद (Public Procurement) से जुड़े उन नियमों से सीमित छूट दी है, जिनके तहत भारत से जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों की कंपनियों को सरकारी टेंडर में भाग लेने से पहले विशेष पंजीकरण और सुरक्षा मंजूरी लेनी होती है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल दो वर्षों के लिए प्रभावी रहेगी और इसे अन्य कंपनियों के लिए मिसाल नहीं माना जाएगा।

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

रिपोर्ट के अनुसार, Ministry of Power ने जनवरी 2026 में सिफारिश की थी कि भारत में पहले से उत्पादन कर रही कुछ कंपनियों को राहत दी जाए, ताकि महत्वपूर्ण बिजली परियोजनाओं में देरी न हो।

सरकार का मानना है कि इन कंपनियों के उत्पाद कई बड़े Transmission Projects के लिए जरूरी हैं और इनकी उपलब्धता से परियोजनाओं की रफ्तार बनी रहेगी।

गलवान संघर्ष के बाद बदले थे नियम

साल 2020 में Galwan Clash के बाद भारत सरकार ने चीन समेत पड़ोसी देशों की कंपनियों पर कई प्रतिबंध लगाए थे।

इसके बाद ऐसे देशों की कंपनियों के लिए सरकारी खरीद और टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने से पहले Ministry of External Affairs (MEA) और Ministry of Home Affairs (MHA) से सुरक्षा एवं राजनीतिक मंजूरी अनिवार्य कर दी गई थी।

इसके अलावा Press Note 3 के तहत पड़ोसी देशों से आने वाले Foreign Direct Investment (FDI) के लिए भी सरकार की पूर्व स्वीकृति जरूरी कर दी गई थी।

क्यों अहम हैं ये चार कंपनियां?

इन कंपनियों का काम बिजली क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण उपकरण बनाना है, जिनमें शामिल हैं—

Power Transformers
High Voltage Switchgear
Gas Insulated Switchgear (GIS)
Transmission Equipment
Electrical Conductors

रिपोर्ट के अनुसार, New Northeast Electric India देशभर में कम से कम 11 ट्रांसमिशन परियोजनाओं पर काम कर रही है।

भारतीय Power Sector के लिए क्यों जरूरी है चीनी विशेषज्ञता?

2000 के दशक की शुरुआत से कई चीनी कंपनियां भारत के बिजली क्षेत्र में सक्रिय रही हैं।

विशेष रूप से Dongfang Electric, Shanghai Electric और Harbin Electric जैसी कंपनियों ने Thermal Power Equipment बाजार में बड़ी हिस्सेदारी बनाई थी।

पिछले वर्ष भारतीय बिजली उद्योग ने सरकार से चीनी तकनीशियनों के लिए Visa Rules में ढील देने की भी मांग की थी। उद्योग का कहना था कि विशेषज्ञों की कमी के कारण कई बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

सरकार का क्या संदेश है?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला किसी व्यापक नीति परिवर्तन का संकेत नहीं है, बल्कि केवल महत्वपूर्ण बिजली परियोजनाओं की जरूरतों को देखते हुए सीमित अवधि के लिए लिया गया विशेष निर्णय है।

इसका उद्देश्य बिजली क्षेत्र की परियोजनाओं को समय पर पूरा करना और जरूरी उपकरणों की आपूर्ति सुनिश्चित करना है, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मौजूदा नियम अन्य मामलों में पहले की तरह लागू रहेंगे।