Confrontation between Iran and America: Is there a threat of war?
क्या डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से डरेगा ईरान?
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चेतावनी दी है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप ने सेकंडरी टैरिफ लगाने की भी बात कही है, जैसे पहले कार्यकाल में उन्होंने ईरान पर प्रतिबंध लगाए थे।
ईरान की मिसाइलें तैयार, बड़ी कार्रवाई की धमकी?
तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी में सभी लॉन्चर्स को सक्रिय कर दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खैबर शेकां, हज कासिम, गद्र एच, सेज्जिल और इमाद जैसी लंबी दूरी की मिसाइलें हमले के लिए तैयार हैं। इन मिसाइलों की रेंज 900 से 1550 मील तक है।
अमेरिका-ईरान तनाव का कारण: क्या बातचीत के दरवाजे बंद?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने रविवार को स्पष्ट किया कि ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप के पत्र का सीधा जवाब देने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को जारी रखेगा और अमेरिका के साथ सीधी बातचीत नहीं करेगा। हालांकि, अप्रत्यक्ष वार्ता के लिए ओमान के माध्यम से रास्ता खुला रखा गया है।
यमन में बढ़ती हिंसा: अमेरिका-ईरान की टकराव की वजह?
अमेरिका द्वारा यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर हवाई हमले भी इस तनाव का प्रमुख कारण बने हैं। यह स्थिति क्षेत्रीय संघर्ष को बढ़ावा दे सकती है और एक बड़े युद्ध का खतरा पैदा कर सकती है।
क्या होगा अगला कदम?
यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव किस ओर जाता है। क्या कूटनीति के जरिए समस्या का समाधान होगा, या मिसाइलों की गूंज युद्ध की शुरुआत का संकेत देगी?