उत्तराखंड में जनता की शिकायतों पर CM धामी सख्त, बोले- समस्या के समाधान में नहीं होनी चाहिए देरी

CM Dhami Janta Darbar: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित Janta Darbar में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान फरियादियों ने व्यक्तिगत समस्याओं के साथ-साथ अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और अन्य जनहित के मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को इनके Time-Bound Resolution के निर्देश दिए।

सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

जनता दरबार में मुख्यमंत्री धामी ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों की शिकायतों के निस्तारण में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। Public Grievance Redressal सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ तेजी से कार्रवाई की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन और प्रशासन के स्तर पर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

दिव्यांग फरियादी को तत्काल सहायता के निर्देश

जनता दरबार में मुख्यमंत्री ने दिव्यांग फरियादी कुलदीप की समस्या भी सुनी। उनकी स्थिति को देखते हुए सीएम धामी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल Financial Assistance उपलब्ध कराने के साथ-साथ ट्राईसाइकिल देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सरकारी सहायता समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार Public Outreach और Direct Public Interaction के माध्यम से लोगों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान की दिशा में लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि विकास योजनाओं और सरकारी सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।

उन्होंने कहा कि Janta Darbar जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार और आम जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत होता है। जनभावनाओं और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।