Challenge to ABVP in MBPG election; contest turns three-way with independent candidate Aryan entering the fray.
हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। अध्यक्ष पद के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने धीरज बिष्ट को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है, जबकि संगठन से जुड़े रहे आर्यन बेलवाल ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। दूसरी ओर, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने मेहुल साह को मैदान में उतारा है। ऐसे में अध्यक्ष पद का मुकाबला अब तीन प्रमुख उम्मीदवारों के बीच होने की स्थिति बन गई है।
ABVP में टिकट को लेकर सामने आई नाराजगी
एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में ABVP के प्रत्याशी चयन को लेकर संगठन के भीतर असहमति सामने आई। धीरज बिष्ट को अध्यक्ष पद का टिकट मिलने के बाद आर्यन बेलवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा की।
आर्यन लंबे समय से संगठन से जुड़े रहे हैं और अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर रहे थे। उनके निर्दलीय मैदान में उतरने के बाद छात्रसंघ चुनाव में मुकाबले का स्वरूप बदल गया है। कुछ ABVP पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से भी आर्यन के समर्थन में नाराजगी जताए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
NSUI 2014-15 के बाद वापसी की कोशिश में
एमबीपीजी कॉलेज में NSUI के लिए भी यह चुनाव महत्वपूर्ण है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, 2014-15 में देवेंद्र नेगी ने NSUI के टिकट पर अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था। इसके बाद संगठन को अध्यक्ष पद पर जीत नहीं मिली।
इस बार NSUI ने मेहुल साह को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया है। संगठन के लिए यह चुनाव लंबे अंतराल के बाद अध्यक्ष पद पर वापसी की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
ABVP ने धीरज बिष्ट को बनाया प्रत्याशी
ABVP की ओर से धीरज बिष्ट को अध्यक्ष पद का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया है। प्रत्याशी चयन के बाद संगठन के नेताओं ने उन्हें चुनाव मैदान में उतारने की बात कही है।
धीरज बिष्ट ने अपने ऊपर लगाए जा रहे कुछ आरोपों पर भी सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि उनका किसी कथित गैंग से संबंध नहीं है और उन्होंने अपनी पृष्ठभूमि को लेकर अपना पक्ष रखा है।
तीनों उम्मीदवारों ने प्रचार में झोंकी ताकत
अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रचार तेज हो गया है। आर्यन बेलवाल ने एमबी ग्राउंड से नैनीताल रोड तक रैली निकाली। वहीं ABVP प्रत्याशी धीरज बिष्ट ने छात्र-छात्राओं के बीच संपर्क अभियान चलाया। NSUI प्रत्याशी मेहुल साह भी कॉलेज परिसर में छात्रों से संपर्क कर समर्थन मांग रहे हैं।
इस बीच कॉलेज परिसर में चुनावी गतिविधियों को लेकर प्रशासन भी सतर्क है। आर्यन बेलवाल के जुलूस के साथ पहुंचे ढोल बजाने वालों को कॉलेज के मुख्य गेट पर रोक दिया गया। कॉलेज प्रशासन ने परिसर में अनुशासन बनाए रखने को प्राथमिकता बताया है।
जीत तक नंगे पैर रहने का संकल्प
छात्रसंघ चुनाव के बीच आर्यन बेलवाल और ABVP से जुड़े धीरज गड़कोटी के जीत तक नंगे पैर रहने के संकल्प की भी चर्चा है। यह घटनाक्रम दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन के ऐसे ही संकल्प के बाद सामने आया है।
हालांकि, इन संकल्पों का चुनाव परिणाम पर क्या असर पड़ेगा, यह मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
29 सितंबर को आएगा चुनाव का फैसला
एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव का परिणाम 29 सितंबर को सामने आने की बात रिपोर्ट में कही गई है। फिलहाल अध्यक्ष पद पर ABVP के धीरज बिष्ट, NSUI के मेहुल साह और निर्दलीय आर्यन बेलवाल के बीच मुकाबला चर्चा में है।
चुनाव प्रचार के दौरान छात्र मुद्दे, संगठनात्मक समर्थन और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पहुंच प्रमुख कारक बने हुए हैं। अंतिम परिणाम छात्रों के मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।