राम मंदिर Donation Row में बृजभूषण का रहस्यमयी बयान, बोले- समय आने पर बताऊंगा सच

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे (Donation Collection) को लेकर उठे विवाद के बीच भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बयान राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में नई चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने सीधे तौर पर किसी पर आरोप तो नहीं लगाया, लेकिन उनके शब्दों ने मामले को और अधिक रहस्यमय बना दिया है।

गोंडा में मीडिया से बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यदि वह इस विषय पर पूरी सच्चाई बोलेंगे तो खुद परेशानी में पड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले से जुड़े लोग बेहद प्रभावशाली हैं और फिलहाल सच बोलने की उनकी हिम्मत नहीं है। हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि उचित समय आने पर वह अपनी बात खुलकर रखेंगे।

राम मंदिर आंदोलन से लंबे समय तक जुड़े रहे बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब Ram Mandir Donation Controversy को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो चुकी है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह लगातार इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं।

मीडिया से बातचीत में बृजभूषण ने गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध चौपाई “जिमि दसनन महुं जीभ बिचारी” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विभीषण ने यह चौपाई अपनी स्थिति बताने के लिए कही थी और वर्तमान परिस्थिति में उनकी स्थिति भी कुछ वैसी ही है। इस टिप्पणी को कई लोग उनके ऊपर किसी तरह के दबाव या असहजता के संकेत के रूप में देख रहे हैं।

जब उनसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह उनका विषय नहीं है।

इस बीच विवाद को और हवा राम मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह के दावों से मिली है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मंदिर के चढ़ावे की रकम में अनियमितताएं कई वर्षों से हो रही थीं। महिपाल सिंह का दावा है कि उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को जानकारी भी दी थी, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही जिम्मेदारी से हटा दिया गया।

पूर्व लेखा प्रभारी के अनुसार, मंदिर में आने वाले नकद चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित तौर पर गड्डियों की संख्या में हेरफेर किया जाता था। उनका दावा है कि एक बार दोबारा गिनती कराने पर लाखों रुपये का अंतर सामने आया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बाद कुछ CCTV Footage हटाए गए थे। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इन दावों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

Ram Mandir Donation Row को लेकर बढ़ते विवाद के बीच प्रशासनिक स्तर पर भी रिपोर्ट तलब किए जाने और मामले की समीक्षा की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण से क्या तथ्य सामने आते हैं।

फिलहाल बृजभूषण शरण सिंह का “सच बोलूंगा तो परेशानी में आ जाऊंगा” वाला बयान इस पूरे विवाद में एक नया राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श जोड़ चुका है, जिससे अयोध्या का यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।