Pakistan को India से बड़ा झटका: अब UAE, Singapore से भी नहीं घुसेगा Pakistani माल

भारत और पाकिस्तान के बीच आर्थिक तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है। पहले से ही economic crisis से जूझ रहे Pakistan को भारत की ओर से एक और बड़ा झटका मिला है। 2 मई 2025 को भारत सरकार ने एक नया आदेश जारी करते हुए Pakistan से सीधे या तीसरे देश के जरिए आने वाले सभी माल पर प्रतिबंध (Import Ban) लगा दिया है।

अब तीसरे देश के रास्ते भी माल नहीं घुस पाएगा

जानकार सूत्रों के मुताबिक, India alert है कि पाकिस्तान अपने माल को United Arab Emirates (UAE), Singapore, Indonesia या Sri Lanka जैसे देशों के जरिए रीलैबलिंग और रिपैकेजिंग करके भारत में भेजने की कोशिश कर सकता है। इस कारण भारत ने न सिर्फ Pakistani goods पर सीधा बैन लगाया है, बल्कि third country routes पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है।

गोपनीय सूत्रों ने बताया कि लगभग $500 million (500 मिलियन डॉलर) के Pakistani goods की repackaging और relabeling की जा रही है ताकि वे भारत के बाजारों में दूसरे देश के माल के तौर पर दाखिल हो सकें।

इनमें मुख्य रूप से dry fruits, leather goods, soda ash, salt, textile और fruits जैसे items शामिल हैं।

National Interest में उठाया गया कदम

Directorate General of Foreign Trade (DGFT) की ओर से जारी आदेश में साफ लिखा गया है कि यह प्रतिबंध राष्ट्रीय हित (National Interest) में लागू किया गया है। अब कोई भी अपवाद केवल भारत सरकार की मंजूरी से ही मान्य होगा।

एक अधिकारी ने बताया,

इसका मकसद पाकिस्तान की economy को सीधा नुकसान पहुंचाना है, जो पहले से ही अस्थिर है।”

MFN Status पहले ही वापस लिया जा चुका है

गौरतलब है कि Pulwama Attack (2019) के बाद भारत ने पाकिस्तान से Most Favoured Nation (MFN) का दर्जा छीन लिया था। इसके बाद पाकिस्तान से आने वाले imports पर 200% custom duty लगा दी गई थी।

इस फैसले के चलते पाकिस्तान से भारत में आने वाले सामान में भारी गिरावट देखने को मिली। सरकारी आंकड़ों के अनुसार:

  • 2020-21 में Pakistan से Import $2.39 मिलियन का हुआ था।

  • 2024-25 के शुरुआती 10 महीनों में यह गिरकर $0.42 मिलियन तक आ गया।

India का Tough Stand, Pakistan की बढ़ती परेशानी

India की इस नई नीति से साफ है कि अब पाकिस्तान को न केवल सीधी ट्रेड लाइन से बल्कि किसी third-party country के जरिए भी भारतीय बाजार में माल भेजने का मौका नहीं मिलेगा। इससे पाकिस्तान की fragile economy पर और दबाव बढ़ेगा।