पद्मभूषण से सम्मानित हुए भगत सिंह कोश्यारी, जानें कैसे बने उत्तराखंड के ‘भगत दा’

उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सोमवार को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान Padma Bhushan से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

उत्तराखंड में प्रेम से “भगत दा” के नाम से पहचाने जाने वाले भगत सिंह कोश्यारी लंबे समय से Education, Social Service और Politics में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है।

दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षा पहुंचाने का मिशन

भगत सिंह कोश्यारी ने वर्ष 1966 में उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में ‘सरस्वती शिशु मंदिर’ की स्थापना की थी। उस समय पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की सुविधाएं बेहद सीमित थीं। उन्होंने गांव-गांव तक Indian Values आधारित Modern Education पहुंचाने का अभियान चलाया।

उन्होंने विवेकानंद इंटर कॉलेज की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाई और लंबे समय तक शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय योगदान दिया। कुमाऊं विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के सदस्य के रूप में भी उन्होंने शिक्षा नीति और संस्थागत विकास में महत्वपूर्ण कार्य किए।

साधारण गांव से शुरू हुआ प्रेरणादायक सफर

17 जून 1942 को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के पलानधुरा गांव में जन्मे भगत सिंह कोश्यारी ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने अल्मोड़ा कॉलेज से English Literature में Post Graduation किया।

अपने करियर की शुरुआत उन्होंने उत्तर प्रदेश के एटा जिले में Lecturer के रूप में की, लेकिन बाद में राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के उद्देश्य से खुद को पूरी तरह शिक्षा और सामाजिक कार्यों में समर्पित कर दिया।

राजनीति में निभाई अहम जिम्मेदारियां

उत्तराखंड राज्य गठन के बाद भगत सिंह कोश्यारी राज्य के पहले मंत्रिमंडल में Cabinet Minister बने। बाद में उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। वे विधानसभा में Leader of Opposition भी रहे।

वर्ष 2008 में वे राज्यसभा सदस्य चुने गए, जबकि 2014 में नैनीताल-ऊधम सिंह नगर सीट से लोकसभा पहुंचे। Energy Minister रहते हुए उन्होंने Tehri Hydro Project जैसे बड़े प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी निभाई जिम्मेदारी

5 सितंबर 2019 को भगत सिंह कोश्यारी को महाराष्ट्र का Governor नियुक्त किया गया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान राज्य के कई जिलों और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया। बाद में उन्हें गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था।

लेखक और विचारक के रूप में भी पहचान

राजनीति और समाज सेवा के अलावा भगत सिंह कोश्यारी एक लेखक भी हैं। उन्होंने “उत्तरांचल प्रदेश क्यों” और “उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान” जैसी पुस्तकों के माध्यम से उत्तराखंड के विकास और राज्य निर्माण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

उत्तराखंड में खुशी की लहर

भगत सिंह कोश्यारी को Padma Bhushan मिलने पर उत्तराखंड में खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सांसद अजय भट्ट, महेंद्र भट्ट और नरेश बंसल समेत कई नेताओं और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई दी है। उनके समर्थकों का कहना है कि यह सम्मान पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण है।