भारत में बैटरी, कैमरा, डिस्प्ले निर्माण को मिलेगा बढ़ावा, सरकार की 22,919 करोड़ की नई योजना

  • भारत सरकार ने देश में पैसिव इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स जैसे बैटरी, कैमरा मॉड्यूल और डिस्प्ले के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 22,919 करोड़ रुपये की विशाल योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत करीब 59,350 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। योजना का उद्देश्य मेड इन इंडिया को सशक्त बनाना और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

योजना के तीन मुख्य चरण: ELI, कैपेक्स सपोर्ट और टर्नओवर लिंक्ड इंसेंटिव
इस योजना के तहत तीन चरणों में सब्सिडी प्रदान की जाएगी:

ELI (Employment Linked Incentive): इस चरण में कंपनियों को उनके द्वारा सृजित रोजगार के आधार पर प्रोत्साहन मिलेगा।

कैपेक्स सपोर्ट (Capex Support): उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नई तकनीक अपनाने के लिए सहायता दी जाएगी।

टर्नओवर लिंक्ड इंसेंटिव (Turnover Linked Incentive): कंपनियों के टर्नओवर के आधार पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह योजना मोबाइल, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, मेडिकल डिवाइस और अन्य क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स के निर्माण को बढ़ावा देगी। इससे नौकरी के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे और देश की वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा।

जल्द होगी योजना की आधिकारिक लॉन्चिंग
मंत्री ने जानकारी दी कि अगले कुछ दिनों में पूरी योजना लॉन्च की जाएगी। इस योजना के तहत कंपनियों को उनकी रोजगार क्षमता के आधार पर प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार का ध्यान- व्यापक सुधार और रणनीतिक योजनाएं
वैष्णव ने स्पष्ट किया कि सरकार ने यह योजना उद्योग जगत से गहन चर्चा के बाद तैयार की है। सरकार का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में व्यापक सुधार लाना और लेबर रिफॉर्म्स के साथ उत्पादन में तेजी लाना है।

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी यह योजना
यह मेक इन इंडिया पहल के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है, जो देश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा। इससे अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्वदेशी उत्पादन को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।