Uttarakhand Cabinet: Dhami government in action mode after PM Modi's message, major decision on EV policy too
उत्तराखंड (Uttarakhand) में जनजातीय क्षेत्रों के विकास (Tribal Development) और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने राज्य में “Uttarakhand Adi Lakshya Sansthan” (Adi Lakshya Institute) की स्थापना के लिए वित्तीय मंजूरी दे दी है और इसके लिए ₹1 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
इस पहल का उद्देश्य राज्य के जनजातीय युवाओं को skill development, education support और empowerment के बेहतर अवसर प्रदान करना है।
क्या है Adi Lakshya Sansthan योजना?
उत्तराखंड में प्रस्तावित यह संस्थान जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए एक dedicated tribal development institute के रूप में काम करेगा।
इसका मुख्य फोकस होगा:
Tribal education improvement
Skill development programs
Research and innovation in tribal welfare
Youth empowerment initiatives
Infrastructure strengthening in tribal regions
केंद्र सरकार की मंजूरी और वित्तीय सहायता
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम (Jual Oram) ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) को पत्र भेजकर इस मंजूरी की जानकारी दी।
पत्र के अनुसार:
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹1 करोड़ की राशि स्वीकृत
Uttarakhand Adi Lakshya Sansthan की स्थापना को मंजूरी
केंद्र सरकार द्वारा राज्य के प्रस्ताव पर सहमति
यह कदम Centre-State collaboration for tribal welfare का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
CM Dhami की पहल का नतीजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से इस संस्थान की स्थापना का अनुरोध किया था। केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मंजूरी प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने इस निर्णय के लिए:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री
का आभार व्यक्त किया है।
जनजातीय युवाओं के लिए कैसे बदलेगा भविष्य?
इस संस्थान के शुरू होने से उत्तराखंड के जनजातीय क्षेत्रों में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे:
Education Opportunities
बेहतर शिक्षा व्यवस्था
modern learning infrastructure
competitive exams की तैयारी में मदद
Skill Development
रोजगार आधारित training programs
vocational education
industry-ready skills development
Research & Innovation
tribal welfare research
policy development support
sustainable development studies
EMRS और अन्य संस्थानों को मिलेगा सहयोग
Adi Lakshya Sansthan के माध्यम से Eklavya Model Residential Schools (EMRS) समेत अन्य शैक्षिक संस्थानों को भी मजबूत किया जाएगा।
इससे:
tribal education system बेहतर होगा
students को higher education opportunities मिलेंगी
IITs, NITs और IIMs जैसे institutions तक पहुंच आसान होगी
स्थानीय शासन और विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह संस्थान केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि:
local governance system को मजबूत करेगा
tribal areas में development planning को बेहतर बनाएगा
government schemes के effective implementation में मदद करेगा
राज्य सरकार का विजन
मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के inclusive development के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उनके अनुसार:
यह संस्थान युवाओं को नए अवसर देगा
सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी
tribal regions में sustainable growth सुनिश्चित होगी
उत्तराखंड में Adi Lakshya Sansthan की स्थापना राज्य के जनजातीय विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। केंद्र सरकार की वित्तीय मंजूरी के बाद अब उम्मीद है कि यह संस्थान जल्द ही धरातल पर काम करना शुरू करेगा।
यह पहल न केवल शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि उत्तराखंड के जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।