Four minors ran away from a madrasa due to academic pressure, leading to a shocking discovery at the railway station.
हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र के अलावलपुर गांव स्थित एक मदरसे से अचानक लापता हुए चार नाबालिग छात्रों को पुलिस ने safe recovery करते हुए अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से ढूंढ लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बच्चे studies में मन न लगने से परेशान थे और इसी कारण उन्होंने मदरसे से भागने की योजना बनाई।
पढ़ाई से उकता कर बनाई भागने की योजना
पुलिस के अनुसार, 15 दिसंबर को मदरसे में पढ़ने वाले चार छात्र संदिग्ध हालात में गायब हो गए थे। पहले परिजनों और मदरसा प्रबंधन ने बच्चों की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। एक अभिभावक की शिकायत पर missing minor case दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी।
SSP के निर्देश पर गठित हुई पुलिस टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने तत्काल special police teams गठित करने के निर्देश दिए। जांच में पता चला कि चारों बच्चे एक ही मदरसे में पढ़ते थे और पढ़ाई के दबाव से परेशान होकर बिना बताए निकल गए थे।
CCTV Footage से मिला अहम सुराग
लापता बच्चों में एक छात्र गुजरात का निवासी था, जबकि तीन बच्चे हरिद्वार के पथरी क्षेत्र से थे। जांच के दौरान बच्चों की last location एथल रेलवे स्टेशन के आसपास मिली। CCTV footage analysis में साफ दिखाई दिया कि चारों बच्चे एथल स्टेशन से ट्रेन में सवार होकर बाहर निकल गए थे।
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से हुई Safe Recovery
पुलिस टीम ने manual policing और CCTV नेटवर्क की मदद से अंबाला पहुंचकर चारों नाबालिगों को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद बच्चों को पथरी थाना लाया गया और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
बिना मोबाइल के बच्चों को ढूंढना था चुनौती
थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने बताया कि चारों बच्चों के पास कोई मोबाइल फोन नहीं था, जिससे location tracking मुश्किल हो गई थी। बावजूद इसके पुलिस ने रेलवे स्टेशनों पर लगे CCTV कैमरों और स्थानीय पूछताछ की मदद से बच्चों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
परिजनों को सौंपे गए बच्चे
पुलिस के अनुसार, बच्चों ने स्वीकार किया कि उनका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था और इसी वजह से उन्होंने मदरसे से भागने का फैसला किया। फिलहाल सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया है।