Harish Rawat की मुराद पूरी! जानिए कैसे Ganesh Godiyal बने Uttarakhand Congress के नए कप्तान

उत्तराखंड कांग्रेस में बड़ा बदलाव हुआ है। Congress High Command ने संगठन में फेरबदल कर न केवल नए नेतृत्व का ऐलान किया है, बल्कि आने वाले Uttarakhand Assembly Elections 2027 का भी सीधा संकेत दे दिया है। पार्टी ने Ganesh Godiyal को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाकर एक बार फिर ब्राह्मण नेतृत्व पर दांव लगाया है।

Congress का Election Mode ON: BJP की तेजी देख हाईकमान ने भी बढ़ाई रफ्तार

भाजपा जिस तेजी से चुनावी मोड़ पर पहुंच चुकी है, उसे देखते हुए कांग्रेस के लिए अब समय गंवाना मुश्किल हो गया था। Ganesh Godiyal के साथ-साथ पार्टी ने Pritam Singh और Harak Singh Rawat को अहम जिम्मेदारियां दी हैं, ताकि संगठन में अनुभव, सियासी ऊर्जा और जातीय संतुलन तीनों को साधा जा सके।

गणेश गोदियाल पहले भी 2021 से 2022 तक प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। तब उन्हें भी चुनाव से ठीक पहले जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन समय की कमी के कारण वे संगठन में बड़ा बदलाव नहीं ला सके। इस बार, चुनाव में लगभग एक वर्ष का समय शेष है — इसलिए गोदियाल के पास संगठन को फिर से सक्रिय करने और नई रणनीति बनाने का पूरा मौका है।

Harish Rawat की मुराद पूरी, ब्राह्मण चेहरों को मिली बढ़त

Congress High Command के इस फैसले ने पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat की पुरानी इच्छा को साकार कर दिया है। उन्होंने कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर यह मांग रखी थी कि पार्टी को “Brahmin faces” को आगे लाना चाहिए। अब हाईकमान ने गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर जातीय और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की है।

जहां गोदियाल को ब्राह्मण चेहरा बनाकर आगे लाया गया है, वहीं Pritam Singh और Harak Singh Rawat को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को भी संतुलित किया गया है।

Ganesh Godiyal की Political Journey: निशंक से लेकर बलूनी तक का सफर

गणेश गोदियाल का राजनीतिक सफर दिलचस्प रहा है। 2002 में पहली बार विधायक बने, जब उन्होंने भाजपा के कद्दावर नेता Dr. Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’ को हराकर थलीसैंण सीट पर जीत दर्ज की थी।
लेकिन 2007 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। परिसीमन के बाद उन्होंने Srinagar constituency से चुनाव लड़ा और 2012 में भाजपा के Dhan Singh Rawat को शिकस्त दी।
हालांकि, 2017 और 2022 में गोदियाल को धन सिंह रावत ने मात दी।

2024 Lok Sabha Elections में वे Garhwal seat से लड़े लेकिन भाजपा के Anil Baluni ने उन्हें हरा दिया। इसके बावजूद पार्टी ने उनके अनुभव और संगठनात्मक क्षमता पर भरोसा जताते हुए दोबारा कमान सौंपी है।

नए प्रदेश अध्यक्ष के सामने चुनौतियां और मिशन 2027

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद गोदियाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती inactive party units को फिर से सक्रिय करना है। वे जिला और ब्लॉक स्तर पर निष्क्रिय इकाइयों को मजबूत करने और युवा चेहरों को आगे लाने पर फोकस कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही नई Pradesh Working Committee का गठन भी किया जा सकता है।

Ganesh Godiyal ने कहा —

“मैं कभी पद के पीछे नहीं भागा, लेकिन जब जिम्मेदारी मिली तो पूरी ईमानदारी से निभाई। अब मिशन 2027 के लिए पूरी ताकत झोंक दूंगा। सबको साथ लेकर चलना मेरा लक्ष्य रहेगा।”

वहीं निवर्तमान अध्यक्ष Karan Mahara ने उन्हें बधाई देते हुए कहा —

“हमें विश्वास है कि आपके नेतृत्व में उत्तराखंड में कांग्रेस फिर से सत्ता में वापसी करेगी।”

Harish Rawat का रोल सीमित, Congress का फोकस नई पीढ़ी पर

इस बार पार्टी ने संकेत दिया है कि हरीश रावत की भूमिका सीमित रहेगी। Congress 2027 Elections में दूसरी पीढ़ी के नेताओं पर भरोसा दिखा रही है। हालांकि हरीश रावत का अनुभव और जनाधार अब भी अहम है, लेकिन पार्टी का चेहरा अब नई ऊर्जा वाले नेताओं पर केंद्रित होगा।