Useful information: After power outage and broken grills in Nainital, 2 lakh people face water crisis.
कभी देश-विदेश के सैलानियों से गुलजार रहने वाला Nainital, इस बार tourist season में भी खाली पड़ा है। सरोवर नगरी की गलियां जो पहले चहल-पहल से भरी रहती थीं, अब सुनसान दिखाई दे रही हैं। Diwali weekend पर भी यहां उम्मीद के मुताबिक पर्यटक नहीं पहुंचे, जिससे hotel owners और local business community दोनों ही मायूस हैं।
स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि इस साल का tourist turnout बीते वर्षों की तुलना में बेहद कम रहा। दशहरा और नवरात्र के समय भी पर्यटक नहीं आए, यहां तक कि बंगाली सीजन भी इस बार पूरी तरह ठप रहा।
तीन बड़ी वजहें जिनसे गिरा Nainital Tourism
सांप्रदायिक हिंसा और Border Tension:
साल की शुरुआत में नैनीताल और आसपास हुई घटनाओं तथा India-Pakistan border tension ने पर्यटकों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी।
Monsoon Disasters:
मानसून के दौरान आई landslides और road blockages ने लोगों की यात्रा योजनाओं को प्रभावित किया।
High Parking & Toll Fees:
नैनीताल नगर पालिका द्वारा entry fee को ₹300 और parking charge को ₹500 करने से कई पर्यटक हतोत्साहित हुए हैं।
होटल और स्थानीय कारोबारियों की मायूसी
स्थानीय दुकानदारों और होटल मालिकों का कहना है कि दशहरे से लेकर दिवाली तक बाजारों में सन्नाटा पसरा है। रेस्टोरेंट्स, कैफे और होटलों में पहले जैसी भीड़ नहीं है।
Hotel Association Secretary Ved Sah के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैली misleading reels ने भी पर्यटन को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि इन वीडियोस ने लोगों के मन में डर का माहौल बना दिया है।
क्या कर सकती है सरकार?
पर्यटन व्यवसायियों ने सरकार से मांग की है कि इंटरनेट पर फैलाई जा रही fake content और negative reels के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, कुमाऊं क्षेत्र के tourist destinations का प्रचार-प्रसार बढ़ाने और मानसून में खराब हुई सड़कों को जल्द ठीक करने की भी अपील की गई है।
वेद साह का कहना है कि अभी तक advance bookings नहीं आई हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि दिवाली के बाद Gujarati tourists की आमद से नैनीताल का माहौल फिर से रौनक पा सकता है।
इस साल Nainital tourism industry एक अभूतपूर्व संकट से गुजर रही है। जहां पिछले सालों में Diwali holidays पर होटल्स और होमस्टे फुल बुक रहते थे, वहीं इस बार ज्यादातर कमरे खाली हैं। अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले समय में tourism-based economy पर बड़ा असर पड़ सकता है।