Rudraprayag का Lwgarh Village: जब गांव वीरान हो गया और अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं मिले चार कंधे

Rudraprayag: उत्तराखंड का Lwgarh village अब वीरान और सुनसान नजर आता है। कभी यह गांव Narendra Singh Negi के गानों में जिक्र पाया करता था, जहां community life और social gatherings की चहल-पहल रहती थी। लेकिन आज हालात इतने बदतर हैं कि 90 वर्षीय वृद्धा Sita Devi की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के लिए चार कंधे जुटाना भी मुश्किल हो गया।

Migration के कारण अंतिम संस्कार में मुश्किलें

जानकारी के अनुसार, Kandai block Rudraprayag में स्थित ल्वेगढ़ गांव में वृद्धा Sita Devi का निधन हो गया। गांव में पलायन की वजह से किसी पुरुष का होना मुश्किल था। मृतक का बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ है और गांव में केवल तीन महिलाएं और एक पुरुष ही बचे हैं। ऐसे में शव को मृत्यु के दिन funeral procession में नहीं ले जाया जा सका।

अगले दिन neighboring villages जैसे Kaleth, Pandhra Madgaon, Malchhoda के लोग मदद के लिए आए और उनके सहयोग से अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

बुनियादी सुविधाओं की कमी: गांव आज भी संघर्ष में

ल्वेगढ़ गांव में कभी 1516 परिवार रहते थे, लेकिन पलायन के कारण अब गांव abandoned village बन चुका है। यहां basic amenities जैसे सड़क, potable water, स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा की उचित व्यवस्था अनुपस्थित हैं।

Road connectivity: गांव सड़क मार्ग से अब तक नहीं जुड़ा है और रास्ता खतरनाक है।

Education facility: बच्चों को 24 किलोमीटर दूर स्कूलों तक पैदल जाना पड़ता है।

Healthcare: आपात स्थिति में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं है।

उत्तराखंड में ल्वेगढ़ जैसे कई गांव हैं जो migration, neglect, और resource scarcity से जूझ रहे हैं। कभी जीवन से भरे ये गांव अब social distress और खामोशी का प्रतीक बन गए हैं।

सड़क परियोजना और विकास की उम्मीद

रुद्रप्रयाग विधानसभा के विधायक Bharat Singh Chaudhary ने बताया कि ल्वेगढ़ गांव की समस्या को संज्ञान में लिया गया है। गांव तक road connectivity पहुंचाने के लिए जिला योजना और अन्य प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।

Marachola तक सड़क स्वीकृत हो चुकी है और निर्माण जल्द शुरू होगा।

Village head Sanjay Pandey ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर गांव की सड़कों और पेयजल व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।

इन प्रयासों से उम्मीद है कि ल्वेगढ़ गांव की abandoned village status धीरे-धीरे बदलकर better infrastructure and living conditions वाला गांव बन सकेगा।