UKSSSSC Paper Leak: देहरादून में बेरोजगार युवाओं का आंदोलन क्यों नहीं थम रहा?

देहरादून इन दिनों UKSSSSC Paper Leak Case को लेकर गरमाया हुआ है। राजधानी के Parade Ground के पास बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा बीते चार दिनों से धरने पर बैठे हैं। इन युवाओं की मुख्य मांग है कि पेपर लीक घोटाले की CBI Inquiry कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

धरने पर बैठे युवाओं ने सड़क किनारे ही भोजन पकाकर आंदोलन को जारी रखा है। खास बात यह है कि चार दिन बीत जाने के बाद भी उनका protest energy high है और आंदोलन में कोई ढिलाई नहीं आई है।

आंदोलन को मिल रहा है व्यापक समर्थन

यह धरना Uttarakhand Berozgar Sangh के बैनर तले चल रहा है। इसमें न केवल बेरोजगार युवा, बल्कि विभिन्न कोचिंग संस्थानों और कॉलेजों के छात्र-छात्राएं भी शामिल होकर आंदोलन को ताकत दे रहे हैं। शाम के वक्त युवा अपने मोबाइल की रोशनी जलाकर आंदोलनकारियों के प्रति एकजुटता दिखा रहे हैं।

चौथे दिन भी बड़ी संख्या में लोग जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। युवाओं ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, आंदोलन इसी तरह चलता रहेगा।

सरकार से निराश बेरोजगार युवा

संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष Suresh Singh ने बताया कि मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी, लेकिन किसी ठोस आश्वासन के बिना उन्हें लौटना पड़ा। उनका आरोप है कि अभी तक शासन या प्रशासन का कोई प्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचकर उनसे बात नहीं कर पाया है।

उन्होंने कहा कि सरकार छोटी मछलियों पर तो कार्रवाई करती है, लेकिन असली white-collar accused यानी बड़े स्तर पर जुड़े लोगों पर हाथ डालने से बचती है।

युवाओं की मुख्य मांगें

सुरेश सिंह और आंदोलनकारियों ने अपनी प्रमुख मांगें दोहराई हैं—

पेपर लीक मामले की CBI Inquiry तुरंत कराई जाए।

रविवार को हुई परीक्षा को रद्द कर, एक महीने के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए।

UKSSSSC Chairman GS Martolia को पद से हटाया जाए।

संयुक्त आरक्षी भर्ती नियमावली (Recruitment Rules) में तुरंत संशोधन किया जाए।

आंदोलन का स्वरूप

आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक यह indefinite protest चलता रहेगा। युवाओं का कहना है कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को suspend करने से कुछ नहीं होगा, असली गुनाहगारों को पकड़ना सरकार की जिम्मेदारी है।