Dehradun-Mussorrie Road Reopens: बेली ब्रिज से बहाल हुई आवाजाही, रिजॉर्ट मालिक पर होगी कार्रवाई

देहरादून में 15-16 सितंबर की भीषण बारिश और प्राकृतिक आपदा (Heavy Rain / Floods) के बाद मसूरी (Mussorrie) का संपर्क पूरी तरह से कट गया था। देहरादून से मसूरी जाने वाला मुख्य मार्ग कई हिस्सों में ध्वस्त हो गया। विशेष रूप से कुठालगेट (Kuthal Gate) के पास सड़क का बड़ा हिस्सा वाशआउट (Washout) हो गया था।

इसके बाद जिला प्रशासन (District Administration) ने युद्धस्तरीय प्रयासों के तहत यहां बेली ब्रिज (Bailey Bridge) का निर्माण पूरा किया। लोगों की सुरक्षा और ट्रैफिक की सुविधा के लिए ब्रिज का सेफ्टी ऑडिट (Safety Audit) कराया गया। गुरुवार शाम से हल्के वाहनों (Light Vehicles) जैसे टू-व्हीलर, मैक्स, टैक्सी आदि के लिए मसूरी मार्ग खोल दिया गया है।

बेली ब्रिज का निर्माण आपदा के तुरंत बाद दिन-रात किया गया। निर्माण पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री धामी (CM Dhami) के निर्देशों पर प्रशासन ने ब्रिज की क्षमता और सुरक्षा का परीक्षण किया। इसके बाद ही यातायात शुरू किया गया, ताकि कोई दुर्घटना न हो। मसूरी मार्ग खुलने से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है।

Illegal Resort Action: नदी के बहाव में बाधा डालने वाले मालिक पर प्रशासन सख्त

देहरादून के आपदाग्रस्त क्षेत्रों जैसे केसरवाला, मालदेवता, बांडावाली और खेरीमानसिंह का जायजा लेने जिलाधिकारी (DM Savin Bansal) फिर से ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। उन्होंने राहत बचाव कार्यों में लगे कर्मियों, फोर्स और श्रमिकों का हौसला बढ़ाया।

जिलाधिकारी ने बताया कि मालदेवता क्षेत्र के किसनपुरी-बांडावाली में अनाधिकृत (Illegal) रिसोर्ट निर्माण के कारण नदी का प्राकृतिक बहाव (River Flow) बाधित हुआ था। अतिवृष्टि (Heavy Rain) के दौरान नदी ने हाईवे को चीरते हुए बहाव किया, जिससे लगभग 150 मीटर सड़क मार्ग पूरी तरह वाशआउट हो गया और पुलों व सरकारी संपत्तियों को गंभीर नुकसान पहुंचा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नदी किनारे अनधिकृत एप्रोच और निर्माण की उच्चस्तरीय जांच (High-Level Investigation) शुरू कर दी गई है और जिम्मेदार मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई (Strict Action) की जाएगी।

यह घटना न केवल मसूरी रोड की बहाली (Mussorrie Road Restoration) की आवश्यकता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि अनियंत्रित निर्माण और नदी के प्राकृतिक बहाव में हस्तक्षेप कितना खतरनाक हो सकता है।