“Live Astronomy Event” of total lunar eclipse in Dehradun, a surge in scientific curiosity among students!
उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यू-कॉन्स्ट / UKONST) के तहत आंचलिक विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा Pel Blue Dot के सहयोग से 7 सितंबर 2025 को Total Lunar Eclipse Observation कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह खास Astronomy Outreach Program छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बना।
Live Telescope Viewing – चंद्र ग्रहण का अद्भुत अनुभव
कार्यक्रम में देहरादून के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग शामिल हुए। उन्हें आधुनिक Telescopes के जरिए चंद्र ग्रहण का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का मौका दिया गया। प्रतिभागियों ने पहली बार वैज्ञानिक उपकरणों से चंद्रमा की सतह और ग्रहण के दौरान होने वाले बदलावों को देखा, जिससे उनमें विज्ञान के प्रति उत्साह और जिज्ञासा दोनों बढ़ी।
विज्ञान की ओर कदम – प्रो. दुर्गेश पंत का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूकांस्ट के महानिदेशक Prof. Durgesh Pant ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में Scientific Temper और Research-Oriented Thinking को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि खगोलीय घटनाएं न केवल ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने का अवसर देती हैं, बल्कि नई पीढ़ी में विज्ञान की ओर आकर्षण पैदा करती हैं। ऐसे आयोजनों से विज्ञान को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने में मदद मिलती है।
सरकारी समर्थन – नवनीत पांडे (IAS) ने दी सराहना
उत्तराखण्ड सरकार के अपर सचिव Navneet Pandey (IAS) ने इस पहल की जमकर प्रशंसा की और इसे विज्ञान के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से विज्ञान आमजन तक पहुंचता है और युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलता है।
विशेष अतिथि और आयोजन की सफलता
इस आयोजन में Pel Blue Dot की संस्थापक Shweta Dhyani, आंचलिक विज्ञान केंद्र, देहरादून प्रभारी Dr. Omprakash Nautiyal, तथा अन्य वैज्ञानिक अधिकारीगण भी मौजूद रहे। उन्होंने इस कार्यक्रम की उपयोगिता और प्रभावशीलता पर चर्चा की और भविष्य में ऐसे और आयोजनों की योजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
Why This Event Matters – Science for Everyone
यह आयोजन एक उदाहरण है कि कैसे Science Communication, Astronomy Events, और Hands-On Learning के जरिए विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाया जा सकता है। छात्र-छात्राओं ने न केवल ग्रहण देखा, बल्कि विज्ञान को अपने जीवन से जोड़ने की प्रेरणा भी पाई।