Uttarkashi Disaster: चिनूक हेलिकॉप्टर से तेज़ हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, अब तक 65 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले के धराली गांव में cloudburst के बाद मची तबाही के बीच राहत व बचाव कार्य तेज़ कर दिया गया है। बुधवार को मौसम साफ होते ही rescue operation में तेजी आई और अब तक 65 लोगों को मातली हेलीपैड तक सुरक्षित पहुंचाया गया है। वहीं सेना के दो घायल जवानों को हेलिकॉप्टर के जरिए higher medical center भेजा गया है।

Chinook Helicopter से राहत अभियान को मिली रफ्तार

आपदा क्षेत्र में भारतीय वायुसेना का पहला Chinook हेलिकॉप्टर हर्षिल में लैंड हुआ, जिसमें NDRF के जवानों और जरूरी उपकरणों के साथ राहत सामग्री पहुंचाई गई है।

मुख्यमंत्री धामी ने लिया जायज़ा

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने खुद मातली हेलीपैड पहुंचकर धराली से निकाले गए पीड़ितों से मुलाकात की और बचाव दलों (NDRF, SDRF, ITBP) से चर्चा की।

आपदा अध्ययन में जुटे वैज्ञानिक
Wadia Institute of Himalayan Geology की टीम भी इस घटना का वैज्ञानिक अध्ययन करेगी। टीम जल्द ही धराली पहुंचेगी और तकनीकी रूप से आपदा के कारणों का विश्लेषण करेगी।

भूस्खलन से रास्ते बंद, Pokland मशीनों की एयरलिफ्टिंग
भारी बारिश और landslides के चलते धराली जाने वाली सभी सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। BRO (Border Roads Organisation) और वायुसेना मिलकर Pokland machines को एयरलिफ्ट कर आपदा स्थल तक पहुंचा रही हैं, ताकि मलबा हटाकर रास्ते खोले जा सकें।

झील बनने से बढ़ा खतरा, सिंचाई विभाग ने किया निरीक्षण

भागीरथी नदी में गाद और मलबा जमा होने से बनी temporary lake का सिंचाई विभाग द्वारा निरीक्षण किया गया। झील की लंबाई लगभग 1200 मीटर और चौड़ाई 100 मीटर आंकी गई है। विशेषज्ञों ने बताया कि पानी की निकासी हो रही है और खतरे की कोई आशंका नहीं है, लेकिन अवरोध हटाने की योजना तैयार कर ली गई है।

अब तक की प्रमुख बातें

65 से ज्यादा लोगों का सफल रेस्क्यू

सड़कें क्षतिग्रस्त, रास्तों की सफाई जारी

हवाई सहायता से राहत सामग्री व मशीनें भेजी जा रही हैं

संचार बहाली के लिए सेटेलाइट फोन शुरू

मुख्यमंत्री धामी की राहत दलों से समीक्षा