CBI Action in Chit Fund Case: LUCC scam mastermind arrested from Mumbai
उत्तराखंड के ULCC चिट फंड घोटाले की जांच अब CBI (Central Bureau of Investigation) करेगी। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने इस बहुचर्चित मामले को CBI को सौंपने की prosecution approval दे दी है। आरोप है कि ULCC (United Life Care Cooperative Society) नाम की एक फर्जी सहकारी समिति बनाकर निवेशकों को तेजी से मुनाफा दिलाने का लालच देकर देशभर में करीब ₹189 करोड़ की धोखाधड़ी की गई। इसमें अकेले उत्तराखंड में ही ₹92 करोड़ की ठगी हुई।
उत्तराखंड में निवेशकों को कैसे बनाया गया शिकार?
ULCC ने राज्य के 35 स्थानों पर शाखाएं खोल कर high return in short time जैसे झूठे वादों के साथ लोगों को आकर्षित किया। निवेशकों से कहा गया कि उनका पैसा विदेशों में gold, oil और refinery projects में लगाया जाएगा। लेकिन जब निवेश की maturity date आई, तो कई लोगों को उनका पैसा वापस नहीं मिला।
13 FIR, हज़ारों पीड़ित और पुलिस रिपोर्ट के बाद CBI जांच शुरू
ULCC चिटफंड घोटाले के खिलाफ देहरादून, पौड़ी, उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग में अब तक 13 मुकदमे (FIRs) दर्ज किए जा चुके हैं। हजारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए और प्रशासन से जांच की मांग की। पुलिस ने अपनी प्रारंभिक जांच में घोटाले की पुष्टि की और हाल ही में राज्य सरकार को detailed report सौंपी थी।
उसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रकरण को CBI के हवाले करने की मंजूरी दे दी। इस मामले में पहले भी कुछ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
देशभर में फैला नेटवर्क, अन्य राज्यों में भी दर्ज हैं केस
इस चिटफंड कंपनी ने सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी लोगों को ठगा। महाराष्ट्र, यूपी, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों में भी कंपनी के एजेंटों ने निवेशकों को गुमराह किया। वहां भी ULCC scam के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं।
CM Dhami का सख्त संदेश: कोई दोषी नहीं बचेगा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “देवभूमि में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उत्तराखंड को पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त राज्य बनाना हमारी प्राथमिकता है।”