उत्तराखंड विधानसभा में गरमाया पहाड़ी-मैदानी विवाद, सदन में तीखी नोकझोंक, विपक्ष और सरकार में बढ़ी तल्खी
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के चतुर्थ दिवस की कार्यवाही में पहाड़ी-मैदानी विवाद को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट ने मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल पर पहाड़ियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। इस पर डॉ. अग्रवाल ने जवाब देते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और उन्हें राज्य आंदोलनकारी होने के बावजूद अपनी उत्तराखंडीयता साबित करनी पड़ रही है।
डॉ. अग्रवाल ने अपने उत्तराखंड आंदोलन में भूमिका को याद करते हुए कहा कि वह सक्रिय आंदोलनकारी रहे हैं। उन्होंने 2 अक्टूबर 1994 को दिल्ली आंदोलन में भाग लिया और मुजफ्फरनगर व मसूरी गोलीकांड के दौरान सक्रिय भूमिका निभाई।
विधानसभा में गरम माहौल के बीच कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने पहाड़ी जनपदों में अव्यावहारिक नियमों को लेकर सवाल उठाया। इस पर मदन बिष्ट ने प्रेमचंद अग्रवाल पर पहाड़ियों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया, जिससे सदन में हंगामा मच गया। जवाब में डॉ. अग्रवाल ने क्षेत्रवाद की राजनीति न करने की अपील की।
मदन बिष्ट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह प्रेमचंद अग्रवाल के खिलाफ कोर्ट से नोटिस भिजवाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अग्रवाल ने पहाड़ियों को लेकर अपमानजनक बयान दिया, जिससे जनभावना आहत हुई है।
विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने सदन में बढ़ते विवाद को देखते हुए विधायकों को फटकार लगाई और कहा कि सदन को लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने क्षेत्रवाद और जातिवाद से बचने की हिदायत दी।
इस विवाद ने उत्तराखंड की राजनीति में क्षेत्रवाद पर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट पहाड़ियों के साथ भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं, वहीं कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी से उत्तराखंड की छवि को बनाए रखने की अपील की।