Chardham Yatra 2025: श्रद्धालुओं की जान पर बन आई, 60 से अधिक की मौत, इंतजामों पर सवाल
देहरादून: उत्तराखंड में इस साल की चार धाम यात्रा श्रद्धा के साथ-साथ अब चिंता का विषय भी बनती जा रही है। यात्रा शुरू हुए अभी केवल 30 दिन हुए हैं और अब तक 68 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इनमें से अधिकांश की मौत सेहत खराब होने की वजह से हुई, जबकि कुछ की जान हेलीकॉप्टर क्रैश और अन्य कारणों से गई।
अब तक पहुंचे कितने यात्री?
चार धाम यात्रा के तहत केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में अब तक 16 लाख 45 हजार 155 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
हालांकि इनमें से 60 से अधिक श्रद्धालु अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनकी मौत का कारण स्वास्थ्य समस्याएं या हादसे रहे हैं।
कहां कितनी मौतें हुईं?
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार:
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केदारनाथ: 29 मौतें (मुख्यतः स्वास्थ्य कारण)
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बद्रीनाथ: 12 मौतें
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गंगोत्री: 8 मौतें
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यमुनोत्री: 11 मौतें
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अन्य कारणों से: 8 मौतें (जिनमें 6 गंगोत्री में हेलिकॉप्टर क्रैश, 1-1 केदारनाथ और यमुनोत्री में)
इन आंकड़ों से साफ है कि श्रद्धालुओं की जान पर खतरा लगातार बना हुआ है, और स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या इंतजाम थे सरकार के?
उत्तराखंड सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया था कि:
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डॉक्टर्स, हॉस्पिटल्स, दवाइयां, और मेडिकल इक्विपमेंट्स की पूरी व्यवस्था की गई है
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हेली एम्बुलेंस सर्विस भी तैनात है
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सभी चार धाम मार्गों पर स्वास्थ्य सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं
फिर भी, लगातार हो रही मौतें यह सवाल उठाती हैं कि क्या ये इंतजाम जमीनी हकीकत पर खरे उतर पा रहे हैं?
क्या है बड़ी वजह?
अधिकांश श्रद्धालु:
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उम्रदराज होते हैं
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हाई एल्टीट्यूड, ऑक्सीजन की कमी और हार्ट संबंधित दिक्कतें यात्रा के दौरान गंभीर हो जाती हैं
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कई बार बिना मेडिकल चेकअप के यात्रा शुरू कर दी जाती है