Uttarakhand Green Cess : 15 जून से बाहरी वाहनों की एंट्री महंगी, बढ़ेगा 30% तक शुल्क, जानिए नई व्यवस्था

उत्तराखंड घूमने आ रहे बाहरी राज्य के वाहन चालकों को अब अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए Green Cess (ग्रीन सेस) की दरों में 28 से 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।
यह फैसला उत्तराखंड कैबिनेट की हालिया बैठक में लिया गया, जिसका असर 15 जून 2025 से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा।

अब कितना देना होगा Green Cess?

• निजी और व्यावसायिक बाहरी राज्य के वाहन चालकों को ₹80 से ₹700 तक ग्रीन सेस देना होगा।
• उत्तराखंड में स्थानीय पंजीकृत वाहनों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
• 2021 में चेकपोस्ट बंद होने के कारण निजी वाहनों से यह शुल्क नहीं वसूला जा पा रहा था, जिसे अब तकनीक की मदद से सुनिश्चित किया जाएगा।

Fastag और ANPR कैमरे से होगी वसूली

अब ग्रीन सेस की वसूली होगी बिना किसी रुकावट और लाइन में लगे:
• ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे वाहन का नंबर पढ़ेंगे।
• Fastag खाते से ऑटोमैटिक कटेगा शुल्क।
• इसके लिए System Integrator और NPCI (National Payments Corporation of India) के बीच सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
किन वाहनों पर लागू होगा नया नियम?
वाहन का प्रकार ग्रीन सेस लागू
उत्तराखंड के निजी वाहन  नहीं लागू
बाहरी राज्यों के निजी वाहन  लागू (15 जून से)
बाहरी राज्यों के व्यावसायिक वाहन  पहले से लागू

सरकार का उद्देश्य क्या है?

• पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना।
• राज्य में आने वाले वाहनों की निगरानी और नियंत्रण।
• अतिरिक्त राजस्व सृजन, जो पहाड़ी राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है।
यात्रियों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और ड्राइवर्स को चाहिए कि:
• अपने Fastag को अपडेट रखें और उसमें पर्याप्त बैलेंस रखें।
• ग्रीन सेस की दरें पहले ही जान लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
• 15 जून के बाद राज्य में प्रवेश करते ही आपके वाहन से स्वतः शुल्क कट जाएगा।