38वें राष्ट्रीय खेलों को लेकर उत्तराखंड सरकार सख्त, अफवाहों पर कड़ा रुख

उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों को लेकर फैलाई जा रही झूठी अफवाहों पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में ताइक्वांडो प्रतियोगिता में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे, जिसके चलते भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने ताइक्वांडो संघ के निदेशक को पद से हटा दिया था। इसी बीच, कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उत्तराखंड 38वें राष्ट्रीय खेल सचिवालय को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है, जिसे सरकार ने पूरी तरह निराधार करार दिया है।

IOA के अधिकार क्षेत्र में आता है राष्ट्रीय खेलों का संचालन—

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) देश में ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रीय खेलों के आयोजन और समन्वय के लिए अधिकृत संस्था है। खेलों के सफल आयोजन, खिलाड़ियों के चयन और पदक वितरण की पूरी जिम्मेदारी IOA की होती है। उत्तराखंड सरकार की भूमिका केवल राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, स्थानीय आयोजन कराने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित है।

हाल ही में कुछ शरारती तत्वों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा था कि उत्तराखंड 38वें राष्ट्रीय खेल सचिवालय पदकों की बिक्री में शामिल है। इस अफवाह को पूरी तरह खारिज करते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय खेलों के पदकों का प्रबंधन, वितरण और निगरानी IOA द्वारा ही की जाती है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें और किसी भी झूठी खबर पर भरोसा न करें।

खिलाड़ियों ने की उत्तराखंड सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना—

38वें राष्ट्रीय खेलों में शामिल होने आए देशभर के खिलाड़ियों ने उत्तराखंड में मिले शानदार अनुभव की सराहना की है। उन्होंने कहा कि खेल स्थलों की गुणवत्ता विश्वस्तरीय है और सरकार ने उनके रहने, खाने और अन्य सुविधाओं की बेहतरीन व्यवस्था की है। खिलाड़ियों ने उत्तराखंड में ‘अतिथि देवो भव’ की भावना से किए गए स्वागत की भी प्रशंसा की।

खेलों को बढ़ावा देने पर उत्तराखंड सरकार का जोर—

राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को सहयोग देने के साथ-साथ, उत्तराखंड में खेलों के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे 38वें राष्ट्रीय खेलों को लेकर किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करें। उत्तराखंड सरकार और भारतीय ओलंपिक संघ खेलों की गरिमा बनाए रखने और उनके सफल आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।