Land Mafia पर कसा शिकंजा: हल्द्वानी में खाली कराई गई करोड़ों की सरकारी जमीन

हल्द्वानी में नगर निगम और प्रशासन ने संयुक्त अभियान (Joint Operation) चलाते हुए 18 बीघा नजूल भूमि को भूमाफियाओं के अवैध कब्जे (Illegal Encroachment) से मुक्त कराया। सर्किल रेट के अनुसार इस जमीन की कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये आंकी गई है।

कार्रवाई के दौरान कब्जाई गई जमीन पर बने अस्थाई ढांचों (Temporary Structures) और बाउंड्री वॉल्स को JCB मशीन की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। साथ ही, निगम ने इस जमीन पर अपना आधिकारिक बोर्ड भी लगा दिया है।

1970 से बंद थी पुरानी कत्था फैक्ट्री

अधिकारियों के अनुसार, यह जमीन पहले कत्था फैक्ट्री (Katha Factory) के संचालन के लिए किराए पर दी गई थी। लेकिन वर्ष 1970 से फैक्ट्री बंद पड़ी थी और कई दशकों से किराया भी जमा नहीं किया गया था। धीरे-धीरे इस भूमि पर Illegal Occupants ने कब्जा कर लिया था।

14 Families से मांगे दस्तावेज

अभियान के दौरान टीम को 14 परिवार कच्चे मकानों (Kutcha Houses) में रह रहे मिले। इन परिवारों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधिकारों के समर्थन में वैध दस्तावेज (Legal Documents) निगम कार्यालय में प्रस्तुत करें। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों के सत्यापन (Verification Process) के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

नशे के अड्डे में बदला था इलाका

जब प्रशासन की टीम कब्जा हटाने पहुंची, तो खंडहरों (Ruins) में तीन युवक नशा करते हुए पाए गए। मेडिकल चौकी पुलिस ने मौके पर ही इन युवकों को हिरासत में ले लिया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह इलाका लंबे समय से नशेड़ियों (Drug Addicts) का अड्डा बन गया था।

अवैध गैस रिफिलिंग पर भी कार्रवाई

इसी दिन गौलापार क्षेत्र के कुंवरपुर इंटर कॉलेज (Kunwarpur Inter College) में अवैध गैस रिफिलिंग (Illegal Gas Refilling) के खिलाफ जिला पूर्ति विभाग (Supply Department) ने छापेमारी की। भारत गैस (Bharat Gas) की गाड़ी में अवैध रूप से गैस भरते हुए पकड़ा गया और मौके से 41 व्यावसायिक सिलेंडर (Commercial Gas Cylinders) जब्त किए गए। इस मामले में दो व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।

Lawful Action का अल्टीमेटम

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन (Government Land) पर दोबारा कब्जे की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (Strict Legal Action) की जाएगी। भविष्य में अवैध कब्जों को रोकने के लिए जमीन की Geo-tagging भी कराई जाएगी।