News of Xi Jinping suffering a stroke after the BRICS Summit has gone viral; what is the truth behind it?
नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर 2026 को आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के बाद सोशल मीडिया पर कई नेताओं की सेहत को लेकर दावे वायरल हो रहे हैं। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तबीयत को लेकर किया गया दावा भी शामिल है। हालांकि, जिनपिंग के बीमार पड़ने, स्ट्रोक आने या अस्पताल में भर्ती होने की किसी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के अस्वस्थ होने की पुष्टि उनके राष्ट्रपति कार्यालय ने की है।
जिनपिंग की तबीयत को लेकर क्या दावा किया गया?
चीन डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख वांजुन शाई ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि BRICS सम्मेलन के दौरान शी जिनपिंग बेहोश हो गए थे और बाद में उन्हें इलाज के लिए बीजिंग ले जाया गया। पोस्ट में उन्हें गंभीर इस्कीमिक स्ट्रोक होने का भी दावा किया गया।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। न तो चीन की ओर से और न ही भारत की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने आई है कि जिनपिंग को स्ट्रोक आया, वह बेहोश हुए या उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, वायरल पोस्ट पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ओर से कम्युनिटी नोट भी लगाया गया है।
BRICS सम्मेलन में शामिल हुए थे जिनपिंग
चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शी जिनपिंग 12 सितंबर को विशेष विमान से नई दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात भी की। यह 2019 के बाद उनकी पहली भारत यात्रा थी।
जिनपिंग के BRICS गाला डिनर में शामिल नहीं होने के बाद उनकी सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर अटकलें तेज हुईं। लेकिन डिनर में उनकी गैरमौजूदगी को स्ट्रोक या किसी गंभीर बीमारी की पुष्टि के तौर पर पेश करने का कोई आधिकारिक आधार सामने नहीं आया है।
रामफोसा की तबीयत खराब होने की पुष्टि
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा को लेकर स्थिति अलग है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति कार्यालय ने 16 सितंबर को आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि वह अस्वस्थ होने के कारण सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहेंगे।
बयान के मुताबिक, रामफोसा BRICS सम्मेलन से लौटकर सोमवार को दक्षिण अफ्रीका पहुंचे थे और उनकी मेडिकल टीम ने उन्हें आराम करने तथा स्वस्थ होने की सलाह दी। उन्होंने अपनी जगह जरूरी कार्यक्रमों में संबंधित मंत्रियों को भेजने का अनुरोध भी किया है। हालांकि, राष्ट्रपति कार्यालय ने उनकी बीमारी की प्रकृति या कारण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।
क्या सभी नेताओं के बीमार होने का दावा सही है?
सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में BRICS सम्मेलन में शामिल कई नेताओं के भारत से लौटने के बाद बीमार पड़ने की बात कही जा रही है। लेकिन उपलब्ध आधिकारिक जानकारी इन दावों को व्यापक रूप से साबित नहीं करती।
रामफोसा की तबीयत खराब होने की आधिकारिक पुष्टि जरूर हुई है, लेकिन उनके मामले में भी बीमारी का कारण नहीं बताया गया है। वहीं जिनपिंग को लेकर स्ट्रोक और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी अभी केवल सोशल मीडिया पर किए गए दावों तक सीमित है।
BRICS में शामिल हैं 11 सदस्य देश
2026 में BRICS के पूर्ण सदस्यों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। 2026 का शिखर सम्मेलन भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित हुआ था।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा के साथ भी 13 सितंबर को उनकी बैठक हुई थी, जिसमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
भारत-चीन संबंधों पर भी हुई चर्चा
BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। व्यापार, बाजार तक पहुंच और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने जैसे विषय भी बातचीत का हिस्सा रहे।
इस बीच सोशल मीडिया पर नेताओं की सेहत को लेकर वायरल हो रहे दावों को तथ्यों के आधार पर देखना जरूरी है। फिलहाल रामफोसा के अस्वस्थ होने की आधिकारिक पुष्टि है, जबकि जिनपिंग को स्ट्रोक आने और अस्पताल में भर्ती होने की खबर की कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।