Major RSS-BJP meeting ahead of UP elections; preparations underway to strengthen the organization down to the booth level.
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। लखनऊ में बुधवार को संघ और भाजपा के बीच समन्वय बैठक होने जा रही है। बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में संगठन के बीच बेहतर तालमेल और अलग-अलग क्षेत्रों से मिलने वाले जमीनी फीडबैक पर चर्चा होने की संभावना है।
अवध और कानपुर प्रांत के पदाधिकारी होंगे शामिल
लखनऊ के बंथरा क्षेत्र में प्रस्तावित बैठक में अवध और कानपुर प्रांत से जुड़े संघ, भाजपा और विचार परिवार के संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे। संगठनात्मक स्तर पर उत्तर प्रदेश को छह प्रांतों में बांटकर काम किया जा रहा है। ऐसे में बैठकों के जरिए स्थानीय स्तर की स्थिति, संगठन की सक्रियता और आपसी समन्वय से जुड़े मुद्दों की जानकारी जुटाई जाएगी।
भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के अलावा अवध और कानपुर क्षेत्र के अध्यक्ष व प्रभारी बैठक में शामिल होंगे। बीएल संतोष भी बैठक के लिए लखनऊ पहुंच चुके हैं।
विनोद तावड़े करेंगे क्षेत्रवार बैठकें
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े भी कई दिनों के यूपी दौरे पर रहेंगे। उनके कार्यक्रम के मुताबिक 17 और 18 सितंबर को गोरखपुर में गोरक्ष क्षेत्र की बैठकें होंगी। इसके बाद 19 और 20 सितंबर को अयोध्या में अवध क्षेत्र और 21-22 सितंबर को प्रयागराज में काशी क्षेत्र से जुड़ी बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में क्षेत्रीय पदाधिकारियों और जिलास्तरीय नेताओं से संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों पर फीडबैक लिया जाएगा।
गोरखपुर में तावड़े का फोकस क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर संगठन की तैयारियों का जायजा लेने पर रहेगा। रिपोर्टों के अनुसार क्षेत्र की करीब 60 से अधिक सीटों को लेकर पदाधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी।
20 सितंबर को सहारनपुर पहुंचेंगे नितिन नवीन
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भाजपा बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की तैयारी में है। 20 सितंबर को सहारनपुर में शक्ति केंद्र संयोजकों का सम्मेलन प्रस्तावित है, जिसमें करीब 4,800 संयोजकों के शामिल होने की बात कही गई है। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मौजूद रहेंगे।
भाजपा ने बूथ संगठन को मजबूत करने के लिए करीब छह से आठ बूथों को मिलाकर शक्ति केंद्र बनाए हैं। प्रत्येक शक्ति केंद्र का संयोजक बूथ कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, मतदाता संपर्क और पार्टी के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाता है।
बूथ स्तर से लिया जाएगा जमीनी फीडबैक
सहारनपुर सम्मेलन के जरिए भाजपा नेतृत्व को पश्चिमी यूपी के बूथ स्तर की स्थिति का फीडबैक मिलने की उम्मीद है। इसमें संगठन की सक्रियता, मतदाता संपर्क और बूथ प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा हो सकती है। साथ ही जिन क्षेत्रों में संगठनात्मक स्तर पर कमियां सामने आएंगी, वहां सुधार की रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है।
इस तरह लखनऊ में संघ-भाजपा समन्वय बैठक से लेकर गोरखपुर, अयोध्या और प्रयागराज की क्षेत्रवार बैठकों तथा सहारनपुर के बूथ सम्मेलन तक, यूपी में भाजपा का संगठनात्मक अभियान कई स्तरों पर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।