CM Dhami met sisters on Raksha Bandhan; made significant remarks regarding 30% reservation for women and the 'Lakhpati Didi' scheme.
रक्षाबंधन के मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंची महिलाओं और बहनों ने राखी बांधी। CM Dhami Rakshabandhan कार्यक्रम मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का आभार जताया और प्रदेशवासियों को Raksha Bandhan की शुभकामनाएं दीं।
भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है रक्षाबंधन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प से जुड़ा पवित्र पर्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बहनों और मातृशक्ति का स्नेह एवं आशीर्वाद उन्हें उत्तराखंड की सेवा और राज्य के विकास के लिए लगातार प्रेरित करता है।
सीएम ने कहा कि महिलाएं केवल परिवार की मजबूत आधारशिला नहीं हैं, बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से राज्य के विकास को नई दिशा मिल रही है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर सरकार का फोकस
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और Economic Empowerment को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, Lakhpati Didi, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
उत्तराखंड में महिलाओं को 30% आरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी महिलाओं के कल्याण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य की सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत Horizontal Reservation दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर होकर परिवार और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकें।
उत्तराखंड में 3 लाख से ज्यादा महिलाएं बनीं लखपति दीदी
सीएम धामी ने बताया कि राज्य में Lakhpati Didi Scheme को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके अनुसार उत्तराखंड में अब तक 3 लाख 9 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पाद, कृषि, हस्तशिल्प और अलग-अलग Self Employment Activities के जरिए अपनी आय बढ़ा रही हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिल रहा है।
महिला स्वयं सहायता समूहों को मिल रहे नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के नए साधन उपलब्ध कराने के लिए राज्य में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना शामिल हैं।
सरकार का प्रयास है कि महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को बेहतर Market Access मिले, जिससे महिलाओं की आमदनी बढ़े और उनके उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाया जा सके।