हरिद्वार से ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ का संकल्प, शिवराज सिंह चौहान बोले- बार-बार चुनाव विकास में बाधक

हरिद्वार के प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित Sant Samagam में ‘One Nation One Election’ को लेकर बड़ा संवाद हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई संत-महात्मा मौजूद रहे। इस दौरान One Nation One Election को देश की जरूरत बताते हुए इसके समर्थन में आवाज उठाई गई। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश की प्रगति और विकास की रफ्तार को प्रभावित करते हैं। वहीं संत समाज ने भी इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प जताया।

संत समाज ने किया ‘One Nation One Election’ का समर्थन

अवधूत मंडल आश्रम में हुए संत समागम में One Nation One Election Campaign को लेकर संतों ने अपने विचार रखे। नया अखाड़ा के महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज ने कहा कि साधु-संत एक राष्ट्र-एक चुनाव के विचार के साथ एकजुट हैं और इसका समर्थन करते हैं।

महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने भी इसे देश की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बार-बार चुनाव होने से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ता है। उनका कहना था कि चुनावों पर खर्च होने वाला पैसा विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

सीएम धामी बोले- देशहित में है एक राष्ट्र, एक चुनाव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का One Nation One Election Mission देशहित से जुड़ा विषय है। उनके मुताबिक, एक साथ चुनाव होने से देश में विकास कार्यों को गति मिलेगी और बार-बार चुनाव की वजह से प्रभावित होने वाली प्रशासनिक व्यवस्था को राहत मिलेगी।

सीएम धामी ने कहा कि सभी को मिलकर प्रधानमंत्री के इस संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद संत समाज ने भी इस विचार का समर्थन किया।

शिवराज सिंह चौहान ने गिनाए ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के फायदे

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में बार-बार चुनाव होने से विकास कार्यों पर असर पड़ता है। उन्होंने One Nation One Election को इन समस्याओं के समाधान के तौर पर पेश किया।

शिवराज सिंह चौहान के अनुसार लगातार चुनावों के कारण सरकारी धन खर्च होता है और प्रशासनिक मशीनरी लंबे समय तक चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार चुनाव होने से जातिवाद और भाषावाद जैसे मुद्दों को बढ़ावा मिल सकता है, जबकि बच्चों की शिक्षा पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था से देश में विकास और प्रशासनिक कामकाज को लगातार आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

संत जनता तक पहुंचाएंगे One Nation One Election का संदेश

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संत समाज ने One Nation One Election के विचार का समर्थन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि साधु-संत अपने प्रवचनों और जनसंवाद के माध्यम से इस मुद्दे को आम लोगों तक पहुंचाएंगे।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार से संत समाज ने यह संकल्प लिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक राष्ट्र-एक चुनाव के अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। शिवराज ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में संसद में इस व्यवस्था को लेकर फैसला हो सकता है।

वंदे मातरम् पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम के दौरान Vande Mataram का मुद्दा भी चर्चा में रहा। शिवराज सिंह चौहान ने वंदे मातरम् के पूर्ण स्वरूप का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने इसे देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता से जुड़ा प्रतीक बताया।

उन्होंने संत समाज से अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों में राष्ट्रभावना और देश के प्रति एकता की भावना मजबूत करने का आह्वान किया।

सीएम धामी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है और वंदे मातरम् को लेकर भी पार्टी की भूमिका पर सवाल उठाए।

सीएम धामी ने कहा कि वंदे मातरम् का उद्घोष स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति और बलिदान की भावना से जुड़ा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे को लेकर उत्तराखंड समेत देशभर में लोगों में नाराजगी है।

‘सिर्फ प्रवचन से नहीं चलेगा काम’

संत समागम में बाबा हठयोगी ने कहा कि One Nation One Election के विचार को सिर्फ मंचों तक सीमित रखने के बजाय इसे जनअभियान बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को इस विचार से जोड़ना होगा, तभी संसद और विधानसभाओं में इसके समर्थन का माहौल तैयार किया जा सकेगा।

उन्होंने संगठन और सत्ता के संबंधों पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि किसी भी बड़े राजनीतिक बदलाव के लिए मजबूत संगठन और व्यापक जनसमर्थन जरूरी है।