हरिद्वार में Kanwar Yatra का सैलाब, 1.80 करोड़ पार हुई भीड़; ऐसे बच रही कांवड़ियों की जान

Kanwar Yatra 2026: धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ मेला अपने चरम पर पहुंच चुका है। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं। बुधवार शाम तक हरिद्वार पहुंचने वाले कांवड़ियों की संख्या 1.80 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी थी और आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने की संभावना है।

बढ़ती भीड़ और गंगा के तेज बहाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर Coordination बनाया गया है। वहीं गंगा घाटों पर तैनात Water Ambulance यानी Life Boat आपात स्थिति में कांवड़ियों के लिए Life Saver साबित हो रही है। SDRF, जल पुलिस और आपदा मित्रों की संयुक्त टीम अब तक करीब 25 से 30 कांवड़ियों को सुरक्षित बचा चुकी है।

कैसे काम करती है Water Ambulance?

कांवड़ मेले में गंगा घाटों पर तैनात Life Boat को Water Ambulance का नाम दिया गया है। इन बोट्स को संवेदनशील घाटों के आसपास तैनात किया गया है, जहां SDRF, जल पुलिस और आपदा मित्रों की टीमें लगातार निगरानी करती हैं।

यदि कोई कांवड़िया गंगा में डूबने लगता है या पानी में जाने के बाद उसकी तबीयत गंभीर हो जाती है, तो Quick Rescue Operation के तहत उसे तत्काल Water Ambulance में पहुंचाया जाता है। बोट के जरिए श्रद्धालु को नजदीकी निर्धारित घाट तक लाया जाता है। वहां पहले से मौजूद एम्बुलेंस उसे बिना देरी किए जिला अस्पताल पहुंचाती है।

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि गंगा घाटों और हरकी पैड़ी के आसपास भीड़ के कारण सड़क मार्ग से होने वाली देरी को कम किया जा सकता है।

पहले घाट पर मिलता है प्राथमिक उपचार

SDRF इंस्पेक्टर कवीन्द्र सजवाण के मुताबिक हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों में किसी कांवड़िये की तबीयत बिगड़ने पर उसे सबसे पहले घाटों पर बनाए गए Medical Camps में ले जाया जाता है। वहां स्वास्थ्यकर्मी प्राथमिक जांच और उपचार करते हैं।

यदि मेडिकल परीक्षण के बाद यह सामने आता है कि श्रद्धालु को तत्काल अस्पताल में इलाज की जरूरत है, तो उसे Water Ambulance के जरिए सीधे ओम घाट पहुंचाया जाता है। ओम घाट पर मौजूद एम्बुलेंस के माध्यम से मरीज को कुछ ही समय में जिला अस्पताल भेज दिया जाता है।

इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य Response Time कम करना और गंभीर स्थिति में श्रद्धालु को जल्द से जल्द Medical Assistance उपलब्ध कराना है।

गंगा के तेज बहाव और भीड़ के बीच Rescue सबसे बड़ी चुनौती

Kanwar Mela के दौरान पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। गंगा के संवेदनशील घाटों पर Water Ambulance और Rescue Teams तैनात हैं। इनमें कांगड़ा घाट और CCR घाट को विशेष रूप से संवेदनशील माना जा रहा है।

इन स्थानों पर तेज बहाव के बीच श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालना SDRF और जल पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। इसके अलावा हरिद्वार के हाईवे और आंतरिक मार्गों पर भारी भीड़ होने के कारण आपात स्थिति में सड़क के रास्ते मरीज को अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है।

कई बार श्रद्धालु सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए गंगा के गहरे पानी में चले जाते हैं। तेज बहाव के कारण उनका संतुलन बिगड़ने और डूबने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी परिस्थितियों में Water Ambulance Service बेहद अहम भूमिका निभा रही है।

SDRF, जल पुलिस और आपदा मित्रों की संयुक्त टीम

कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए SDRF, जल पुलिस और आपदा मित्रों की टीमें घाटों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक सभी टीमें 24×7 Duty पर तैनात हैं और किसी भी Emergency Situation में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार हैं।

SDRF इंस्पेक्टर कवीन्द्र सजवाण ने बताया कि अब तक Water Ambulance की मदद से करीब 25 से 30 कांवड़ियों की जान बचाई जा चुकी है। आने वाले दिनों में कांवड़ियों की संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए Rescue Teams को लगातार अलर्ट रखा गया है।

बढ़ेगा भीड़ का दबाव, 24 घंटे अलर्ट रहेंगी Rescue Teams

कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण की ओर बढ़ने के साथ हरिद्वार में श्रद्धालुओं का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में गंगा घाटों पर सुरक्षा को लेकर प्रशासन की चुनौती भी बढ़ेगी। SDRF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार High Alert Mode में काम कर रही हैं।

प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी कांवड़िये की तबीयत बिगड़ने या डूबने की घटना में Quick Response Time के साथ रेस्क्यू शुरू किया जाए। Water Ambulance इसी Emergency Response System का अहम हिस्सा बनकर सामने आई है।

हरिद्वार में बढ़ती कांवड़ियों की भीड़ के बीच गंगा के तेज बहाव और घाटों पर भारी दबाव को देखते हुए श्रद्धालुओं से भी सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि गंगा में स्नान के दौरान निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही रहें और किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत Rescue Teams की मदद लें।