कांवड़ में भगवान शिव नहीं, 221 फीट का तिरंगा बना खास पहचान; बागपत तक पैदल जाएंगे भक्त

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा इन दिनों पूरे उत्साह और आस्था के साथ जारी है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे शिवभक्त अलग-अलग तरह की कांवड़ों के जरिए धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और देशभक्ति का संदेश भी दे रहे हैं। इसी बीच बागपत से पहुंचे 26 कांवड़ियों का एक दल अपनी अनोखी Tiranga Kanwar को लेकर चर्चा में है।

यह दल करीब 221 फीट लंबे और 11 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज के साथ हरिद्वार से बागपत तक पैदल यात्रा कर रहा है। शिवभक्तों का कहना है कि इस यात्रा का मकसद केवल भगवान शिव का जलाभिषेक करना नहीं, बल्कि देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को सम्मान देना और लोगों में Patriotism की भावना को मजबूत करना भी है।

221 फीट तिरंगा बना यात्रा की खास पहचान

बागपत के 26 कांवड़ियों का दल रविवार को हरिद्वार से गंगाजल लेकर रवाना हुआ। विशाल तिरंगे को साथ लेकर चल रहा यह समूह रास्ते में लोगों का ध्यान खींच रहा है। दल का लक्ष्य 11 अगस्त को बागपत पहुंचना है, जहां स्थानीय शिवालय में गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।

दल के सदस्य हरेंद्र कुमार ने बताया कि वे बागपत से हरिद्वार आए थे और अब 221 फीट लंबे तिरंगे के साथ वापस लौट रहे हैं। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय ध्वज देश की Pride and Honour का प्रतीक है। इसी भावना के साथ इस बार सामान्य कांवड़ के बजाय तिरंगा कांवड़ यात्रा निकालने का फैसला लिया गया।

शहीदों के सम्मान और युवाओं को संदेश

हरेंद्र कुमार के मुताबिक, तिरंगा कांवड़ के जरिए देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही युवाओं को राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान का संदेश भी दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा और आशीर्वाद से यह यात्रा शुरू की गई है। उनका मानना है कि धार्मिक आस्था के साथ National Pride का संदेश लोगों तक पहुंचाना भी जरूरी है।

‘तिरंगा भारत की पहचान और गौरव’

कांवड़िया ईश्वर तोमर ने कहा कि तिरंगा भारत की पहचान और गौरव का प्रतीक है। उनका उद्देश्य है कि देश का हर नागरिक राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करे और राष्ट्र के प्रति प्रेम की भावना को मजबूत बनाए।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा में वे गंगाजल के साथ Message of Patriotism भी अपने गांव लेकर जा रहे हैं। शिवभक्त भगवान भोलेनाथ से देश की सुख-समृद्धि और सभी लोगों के कल्याण की प्रार्थना करेंगे।

पहली बार निकाली Tiranga Kanwar

ईश्वर तोमर ने बताया कि वह पहले भी सामान्य कांवड़ यात्रा कर चुके हैं, लेकिन इस बार पहली बार तिरंगा कांवड़ लेकर यात्रा कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य Devotion and Patriotism को एक साथ जोड़ना है।

भजन-कीर्तन करते हुए बागपत जाएंगे कांवड़िये

26 सदस्यों का पूरा दल पैदल यात्रा के दौरान नाचते-गाते और Bhajan-Kirtan करते हुए आगे बढ़ रहा है। कांवड़ियों के मुताबिक, रास्ते में लोगों का उत्साह और समर्थन भी उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है।

दल 11 अगस्त को बागपत पहुंचेगा। इसके बाद स्थानीय शिवालय में हरिद्वार से लाए गए गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। विशाल तिरंगे के साथ निकली यह Unique Kanwar Yatra फिलहाल हरिद्वार में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।