Mother lands in trouble after striking a deal to sell her daughter; concocts a fake kidnapping story upon failing to receive the full amount.
देहरादून में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक मां पर अपनी 15 वर्षीय बेटी का कथित तौर पर पैसों के लिए सौदा करने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक, बेटी को बेचने के बाद जब महिला को पूरी रकम नहीं मिली तो उसने मामले से बचने के लिए उसके Kidnapping की झूठी कहानी तैयार कर दी। पुलिस जांच में सामने आया कि किशोरी का कथित तौर पर दो बार सौदा किया गया था।
बेटी के अपहरण की शिकायत ने खोला पूरा राज
मामला राजपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई को सहस्रधारा रोड निवासी महिला ने थाने पहुंचकर अपनी 15 वर्षीय बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर पुलिस टीमों का गठन किया गया और Missing Girl Investigation शुरू की गई।
पुलिस ने किशोरी की तलाश के लिए Surveillance, CCTV Footage और Technical Investigation की मदद ली। जांच के दौरान उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर किशोरी को बरामद कर लिया।
मुजफ्फरनगर से किशोरी बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान मनीष निवासी जानसठ, मुजफ्फरनगर और लवी कुमार निवासी फलावदा, मेरठ को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए।
पुलिस के अनुसार, लवी ने पूछताछ में बताया कि उसने पिंकी मलिक नाम की महिला के माध्यम से किशोरी को उसकी मां से लिया था। इसके बाद किशोरी को मनीष को कथित तौर पर दो लाख रुपये में सौंप दिया गया।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने पिंकी मलिक और किशोरी की मां को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में सामने आए नए तथ्यों के आधार पर संबंधित धाराएं भी जोड़ी हैं।
पहले डेढ़ लाख में सौदा, फिर दो लाख में आगे बढ़ाया
पुलिस की जांच के अनुसार, किशोरी की मां की मुलाकात कुछ समय पहले देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर निवासी पिंकी मलिक से हुई थी। आरोप है कि पैसों का लालच दिए जाने के बाद मां ने अपनी 15 वर्षीय बेटी का सौदा करीब डेढ़ लाख रुपये में कर लिया।
इसके बाद पिंकी ने लवी के माध्यम से किशोरी का सौदा मनीष के साथ दो लाख रुपये में किया। पुलिस के मुताबिक, इस कथित सौदे में किशोरी की मां को 80 हजार रुपये दिए गए थे, जबकि बाकी रकम नहीं मिली।
पूरी रकम नहीं मिली तो गढ़ी अपहरण की कहानी
पुलिस के अनुसार, बेटी के गायब होने और पूरी रकम नहीं मिलने के बाद महिला को इस पूरे मामले के सामने आने का डर सताने लगा। इसके बाद उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए बेटी के अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज करा दी।
हालांकि Police Investigation में मामला धीरे-धीरे खुलता चला गया। सर्विलांस और CCTV के जरिए पुलिस किशोरी तक पहुंची और पूछताछ के बाद कथित तौर पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।
चारों आरोपियों को भेजा गया जेल
पुलिस ने किशोरी को बरामद करने के साथ मामले में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सामने आए तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह मामला नाबालिग की सुरक्षा और Child Trafficking / Illegal Sale of Minor जैसे गंभीर अपराधों को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और इस मामले में शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है।