Uttarakhand Technical University Paper Leak: Two B.Tech exams cancelled, Assistant Professor arrested.
देहरादून: उत्तराखंड में Exam Paper Leak का एक और मामला सामने आया है। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (Uttarakhand Technical University-UTU) ने पेपर लीक के आरोपों के बाद BTech Semester की दो परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। मामले की जांच के बाद पुलिस ने एक Assistant Professor को गिरफ्तार किया है, जिस पर प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग करने का आरोप है।
Machine Learning पेपर लीक का आरोप
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान आशीष कुमार गुप्ता के रूप में हुई है, जो शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सहायक प्रोफेसर हैं। वह Machine Learning for Internet of Things विषय का प्रश्नपत्र तैयार करने वाली टीम का सदस्य था। जांच में सामने आया कि परीक्षा में पूछे गए कई सवाल पहले से कॉलेज से जुड़े एक WhatsApp Group में साझा किए गए प्रश्नों से मेल खाते थे।
परीक्षा नियंत्रक की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
UTU के Examination Controller विनय कुमार पटेल की शिकायत पर प्रेमनगर थाने में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 7 और 8 जुलाई को आयोजित आंतरिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र जानबूझकर लीक किए गए, ताकि कुछ छात्रों को अनुचित लाभ मिल सके।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 (आपराधिक न्यासभंग), 318(4) (धोखाधड़ी) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
जांच में जुटी पुलिस, दस्तावेज किए जब्त
देहरादून के एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी। आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर परीक्षा से जुड़े दस्तावेज और कथित लीक प्रश्नपत्र जब्त कर लिए गए हैं। आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस लीक से किन-किन लोगों को अनुचित लाभ मिला और उनकी भूमिका क्या रही।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सख्त कार्रवाई
एसएसपी ने बताया कि पूरे मामले में कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
NEET Paper Leak के बाद फिर उठे सवाल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब देशभर में NEET UG Paper Leak और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर लगातार बहस जारी है। UTU में सामने आया यह मामला एक बार फिर Exam Security, Question Paper Confidentiality और Fair Examination System पर सवाल खड़े कर रहा है।