जनता के विरोध का असर? देहरादून-ऋषिकेश हाईवे प्रोजेक्ट में पेड़ों की कटाई फिलहाल रुकी

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने देहरादून-ऋषिकेश Four/Six Lane Road Project के तहत भानियावाला क्षेत्र में प्रस्तावित 4,369 पेड़ों की कटाई (Tree Felling) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। पिछले कई दिनों से स्थानीय लोगों, पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों द्वारा किए जा रहे विरोध के बाद सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है।

सभी पक्षों से होगी दोबारा बातचीत

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य का विकास सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन Public Sentiment, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। उन्होंने मुख्य सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और सभी हितधारकों के साथ विस्तृत संवाद करें। साथ ही आगे की कार्रवाई Uttarakhand High Court के निर्देशों और निर्णयों का पूरा सम्मान करते हुए की जाएगी।

NHAI का महत्वपूर्ण Infrastructure Project

मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून-ऋषिकेश सड़क चौड़ीकरण परियोजना National Highways Authority of India (NHAI) का महत्वपूर्ण Infrastructure Project है। इस परियोजना पर सभी आवश्यक वैधानिक और पर्यावरणीय स्वीकृतियों के बाद तथा हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही की जा रही थी।

Wildlife Conservation पर भी विशेष फोकस

सीएम धामी ने कहा कि परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए करीब 3.5 किलोमीटर लंबे Elephant Underpass और छोटे वन्यजीवों के आवागमन के लिए विशेष Wildlife Culverts का प्रावधान किया गया है। इससे सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मौत और Human-Wildlife Conflict को कम करने में मदद मिलेगी।

सहमति बनने तक नहीं होगी पेड़ों की कटाई

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी पक्षों के बीच संतोषजनक सहमति और विश्वास का माहौल नहीं बन जाता, तब तक परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ों की कटाई स्थगित रहेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्रकृति, जनता की भावनाएं और राज्य का विकास तीनों सरकार के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। सरकार आगे भी Dialogue, Consensus और Public Interest के आधार पर ही निर्णय लेगी।

कांग्रेस ने फैसले पर उठाए सवाल

वहीं, कांग्रेस ने इस निर्णय का श्रेय अपने पक्ष को देते हुए दावा किया कि हाल ही में प्रदर्शनकारियों ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी चिंता साझा की थी। कांग्रेस का कहना है कि इसके बाद राज्य सरकार ने जल्दबाजी में पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने का फैसला लिया। हालांकि सरकार की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।