West Bengal: Smart Meter पर बदला रुख, CM शुभेंदु अधिकारी ने बिजली चोरी के खिलाफ शुरू की सख्त कार्रवाई

West Bengal के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के Power Department की समीक्षा बैठक के बाद बिजली चोरी रोकने और बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसलों का ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा कि Electricity Theft के मामलों में किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी सत्तारूढ़ दल के नेता का नाम भी सामने आता है तो उसके खिलाफ भी समान कार्रवाई होगी।

इसी के साथ सरकार ने बिजली चोरी की शिकायतों के लिए ‘Vidyut Prahari App’ भी लॉन्च किया है, जिससे लोग अवैध बिजली कनेक्शन और हुकिंग की सूचना सीधे विभाग तक पहुंचा सकेंगे।

अवैध हुकिंग पर तुरंत होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां भी Illegal Hooking या बिजली चोरी का मामला मिले, वहां तत्काल बिजली कनेक्शन काटा जाए। साथ ही लंबे समय से बकाया बिजली बिलों की वसूली के अभियान को और तेज करने के भी आदेश दिए गए हैं।

सरकार का उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और राजस्व नुकसान को कम करना है।

घरेलू और Commercial उपभोक्ताओं के लिए अलग नीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि Domestic Consumers के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाएगा। किसी भी सख्त कार्रवाई से पहले उन्हें नोटिस देकर बकाया राशि की जानकारी दी जाएगी।

वहीं Commercial और Industrial Consumers के मामले में किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं से बकाया वसूली और नियमों का पालन सख्ती से कराया जाएगा।

Smart Meter लगाने की तैयारी

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से Smart Meter लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त बिजली उपलब्ध होने के बावजूद यदि कहीं Load Shedding या Low Voltage जैसी समस्याएं सामने आती हैं तो यह स्वीकार्य नहीं है।

दिलचस्प बात यह है कि विपक्ष में रहते हुए शुभेंदु अधिकारी स्मार्ट मीटर योजना का विरोध करते रहे थे। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सरकार इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

बिजली व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जरूरत वाले क्षेत्रों में नए Sub-Station बनाने, पुराने सब-स्टेशनों का रखरखाव बेहतर करने और Underground Cable परियोजनाओं को तेज करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने, सभी नई योजनाओं के लिए Detailed Project Report (DPR) तैयार करने और टेंडर प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

भर्ती और Transfer Policy में बदलाव

बिजली विभाग में इंजीनियरों की कमी पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में सभी स्थायी भर्तियां West Bengal Public Service Commission (PSC) के माध्यम से होंगी।

इसके साथ ही विभाग में नई Transfer Policy लागू करने की घोषणा की गई है। लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों के तबादले किए जाएंगे और तीन वर्ष से अधिक समय से तैनात कर्मचारियों के स्थानांतरण पर प्राथमिकता से विचार होगा।