Temples to undergo transformation, roads to be built; Dhami government approves ₹5 crore.
उत्तराखंड के Badrinath Dham में कथित Donation Theft Case को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी किसी भी प्रकार की अनियमितता श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जांच समिति और पुलिस दोनों कर रहे हैं पड़ताल
हरिद्वार दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया जा चुका है। वहीं पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
आस्था से जुड़ा मामला, किसी को नहीं मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी गड़बड़ी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार यह केवल वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है। सरकार इस पूरे प्रकरण पर गंभीरता से नजर बनाए हुए है और दोषियों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा।
हरिद्वार में रामकथा में भी हुए शामिल
मुख्यमंत्री हरिद्वार के प्रेमनगर आश्रम में आयोजित मोरारी बापू की रामकथा में भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का काम करते हैं तथा भगवान श्रीराम का संदेश जन-जन तक पहुंचाते हैं।
कुंभ और मॉनसून तैयारियों की भी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने आगामी Haridwar Kumbh की तैयारियों पर कहा कि सरकार सभी व्यवस्थाओं को तय समय के भीतर पूरा करने में जुटी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही Monsoon Update पर कहा कि राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
विपक्ष ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मांग की है कि बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण और केदारनाथ से जुड़े अन्य मामलों की जांच किसी सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज या विधानसभा की सर्वदलीय समिति की निगरानी में कराई जाए। उनका कहना है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।
धर्मस्व मंत्री ने भी मांगी विस्तृत रिपोर्ट
धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए गढ़वाल मंडलायुक्त से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा संवेदनशील विषय है। यदि जरूरत पड़ी तो सरकार उच्च स्तरीय जांच कराने से भी पीछे नहीं हटेगी। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी निष्पक्षता के साथ होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।