ISIS-AQIS मॉड्यूल पर NIA का शिकंजा, बिहार समेत 10 राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी

NIA Raid News: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कथित Online Radicalisation और आतंकवादी संगठनों से जुड़े नेटवर्क की जांच के तहत देशभर में बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। बिहार समेत 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 20 स्थानों पर की गई छापेमारी के दौरान कई Digital Devices और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए गए हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच के जरिए पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जाएगी।

किन राज्यों में हुई कार्रवाई?

एनआईए की कार्रवाई बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली सहित कई राज्यों में एक साथ की गई। एजेंसी के अनुसार, तलाशी के लिए चुने गए स्थान पहले से जब्त डिजिटल साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण, गिरफ्तार आरोपियों के संपर्कों और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों के आधार पर चिन्हित किए गए थे।

क्या है जांच का मामला?

एनआईए के मुताबिक, जांच ऐसे कथित नेटवर्क से जुड़ी है जो प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों ISIS (Islamic State) और AQIS (Al-Qaeda in the Indian Subcontinent) की विचारधारा का ऑनलाइन प्रचार-प्रसार करने और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रभावित करने के प्रयासों से संबंधित है। एजेंसी का कहना है कि जांच में यह भी देखा जा रहा है कि सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों का कथित तौर पर किस प्रकार उपयोग किया गया।

डिजिटल साक्ष्यों की होगी फॉरेंसिक जांच

छापेमारी के दौरान बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को विस्तृत Forensic Examination के लिए भेजा जाएगा। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इनसे नेटवर्क के अन्य संदिग्ध संपर्कों, ऑनलाइन गतिविधियों और संभावित सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

यह मामला मार्च 2026 में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में दर्ज हुआ था, जिसे बाद में मई 2026 में एनआईए ने अपने हाथ में लिया। जांच एजेंसी के अनुसार, अब तक इस मामले में 11 आरोपियों और एक किशोर को गिरफ्तार किया जा चुका है। शुरुआती जांच के दौरान कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद होने का दावा किया गया था।

जांच अभी जारी

एनआईए का कहना है कि जांच का उद्देश्य पूरे नेटवर्क की पहचान करना और उससे जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल करना है। एजेंसी इस मामले में बरामद डिजिटल साक्ष्यों, तकनीकी डेटा और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की जांच कर रही है। मामले में किसी भी व्यक्ति की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।