Ram Mandir Trust पर लगे आरोपों से पलटा IBJA, रसीदें दिखाकर किया बड़ा खुलासा

Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy में बड़ा मोड़ सामने आया है। चढ़ावे और चांदी के दान को लेकर सवालों के घेरे में आए Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra Trust को अब बड़ी राहत मिली है। India Bullion Jewellers Association (IBJA) ने ट्रस्ट पर लगाए गए आरोपों से खुद को अलग करते हुए स्पष्ट किया है कि संस्था ने कभी भी ट्रस्ट या उसके किसी पदाधिकारी पर कोई आरोप नहीं लगाया था।

IBJA ने सोशल मीडिया पर दी सफाई

IBJA के North India Head अनुराग रस्तोगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर पूरे विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मीडिया में चल रही खबरों के विपरीत उन्होंने या उनकी संस्था ने कभी भी Ram Mandir Trust के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की।

उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया प्रतिनिधि स्वयं जानकारी लेने उनके पास पहुंचे थे, उन्होंने किसी विवाद को लेकर पहल नहीं की थी।

दान की रसीदें दिखाकर खत्म की अटकलें

वीडियो में अनुराग रस्तोगी ने उन सभी दावों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि चांदी के दान की रसीदें नहीं दी गईं।

उन्होंने कैमरे पर ट्रस्ट द्वारा जारी आधिकारिक रसीदें भी दिखाई। इनमें पहली बार दान की गई 33 किलो 644 ग्राम चांदी और दूसरी बार समर्पित 4 किलो 623 ग्राम चांदी की रसीदें शामिल थीं। इसके अलावा महासचिव चंपत राय के हस्ताक्षर वाला धन्यवाद पत्र भी सार्वजनिक किया गया।

चांदी की शिलाएं बैंक लॉकर में सुरक्षित

अनुराग रस्तोगी ने बताया कि चांदी की शिलाओं और चढ़ावे की जांच के लिए गठित विशेष समिति अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है। उन्होंने कहा कि मंदिर को मिली सभी चांदी की शिलाओं को सुरक्षा के मद्देनजर पिघलाकर सरकारी बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखा गया है।

उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि सरकार ने अपने आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई की।

सिंधी समाज और IBJA के दान को लेकर भी किया स्पष्ट

IBJA ने यह भी साफ किया कि Sindhi Samaj और India Bullion Jewellers Association द्वारा किए गए दान को एक-दूसरे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

संस्था के मुताबिक सिंधी समाज ने 200 किलोग्राम चांदी की ईंटें भगवान श्रीराम को समर्पित की थीं, जबकि IBJA ने अलग से करीब 60 किलोग्राम चांदी विभिन्न धार्मिक और कलात्मक स्वरूपों में दान की थी। दोनों दान अलग-अलग रिकॉर्ड में दर्ज हैं।

विवाद पर लगा विराम

IBJA का कहना है कि आधिकारिक रसीदें, धन्यवाद पत्र और जांच प्रक्रिया की जानकारी सामने आने के बाद अब Ram Mandir Donation Row को लेकर किसी तरह के भ्रम की गुंजाइश नहीं बची है। संस्था ने दोहराया कि उसका Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra Trust पर पूरा भरोसा है और ट्रस्ट के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।