NEET Paper Leak Row: Telegram Ban और IT Act 69A पर कोर्ट का अहम फैसला

NEET Re-Exam 2026 से जुड़े पेपर लीक विवाद के बीच सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप Telegram ban को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें सरकार के अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती दी गई थी।

यह फैसला 21 जून को होने वाली NEET re-exam से पहले सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया माना जा रहा है।

Delhi High Court ने याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने Information Technology Act Section 69A का सही तरीके से पालन किया है।

कोर्ट ने कहा कि सरकार द्वारा जारी आदेश वैध और कानून के अनुसार है। इसके साथ ही कोर्ट ने Telegram की यह दलील भी खारिज कर दी कि आदेश में पर्याप्त कारण नहीं बताए गए थे।

केंद्र सरकार का पक्ष: “Telegram एक डार्क प्लेटफॉर्म”

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने Telegram को लेकर सख्त रुख अपनाया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि Telegram का उपयोग कई बार अवैध गतिविधियों और परीक्षा में गड़बड़ी जैसे मामलों में किया गया है।

सरकार ने इसे एक ऐसा platform बताया, जिसके जरिए अपराधियों के लिए जांच एजेंसियों से बचना आसान हो जाता है।

22 जून तक Telegram Ban Order लागू

सरकार के अनुसार:

NEET 2026 re-exam के चलते Telegram को 22 जून तक अस्थायी रूप से block करने का आदेश दिया गया है
यह कदम परीक्षा में transparency और fair conduct सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है
पहले NEET paper leak मामले में Telegram के इस्तेमाल के आरोप सामने आए थे
30 जून तक “Edit Feature” पर भी रोक

एक अन्य आदेश में सरकार ने Telegram को निर्देश दिया है कि वह 30 June तक message edit feature disable करे।

इसका उद्देश्य यह है कि परीक्षा से जुड़े किसी भी संदिग्ध संदेश या जानकारी को बदला न जा सके।

Telegram की दलील क्या थी?

Telegram ने कोर्ट में दलील दी थी कि:

उसके भारत में लगभग 15 crore users हैं
इस तरह का ban users को प्रभावित करेगा
सरकार का आदेश proportionality principle के खिलाफ है
IT Rules के तहत emergency use का गलत प्रयोग किया गया है

Telegram ने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारियों ने किसी channel को block करने की सिफारिश नहीं की थी।

केंद्र सरकार का जवाब

केंद्र सरकार ने अदालत में कहा कि:

अगर ऐसे preventive measures नहीं लिए गए, तो परीक्षा की integrity खतरे में पड़ सकती है
अन्य platforms पर ऐसी सख्त कार्रवाई नहीं की गई क्योंकि उनके filtering systems मजबूत हैं
यह कदम सिर्फ NEET exam की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है
NEET Paper Leak और Telegram Link

सरकारी हलफनामे में दावा किया गया कि पिछले NEET exam में Telegram का इस्तेमाल पेपर लीक और अन्य irregularities में हुआ था। इसी कारण परीक्षा को दोबारा कराने की जरूरत पड़ी।

दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल Telegram ban और restrictions जारी रहेंगे। यह मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म की accountability, exam security और cyber regulation को लेकर एक बड़ा उदाहरण बन गया है।

अब सबकी नजर 21 जून को होने वाली NEET re-exam पर है, जहां security arrangements और strict monitoring बेहद अहम रहेंगे।