A major twist in the high-profile dowry death case, the accused will be questioned again.
भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा दहेज मृत्यु मामले में मंगलवार को जांच का अहम पड़ाव सामने आने वाला है। मामले में आरोपी बनाई गईं सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश Giribala Singh और उनके पुत्र अधिवक्ता Samarth Singh की पांच दिन की CBI रिमांड समाप्त हो रही है। ऐसे में केंद्रीय जांच एजेंसी दोनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश कर अतिरिक्त रिमांड की मांग कर सकती है।
चोटों के सवाल पर उलझी जांच
सूत्रों के अनुसार CBI की जांच फिलहाल त्विषा शर्मा के शरीर पर मिले चोटों के निशानों के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गई है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने इन चोटों के बारे में स्पष्ट जानकारी होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि संभवतः शव को फंदे से नीचे उतारते समय चोटें लगी होंगी।
हालांकि जांच एजेंसी इस जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट, क्लॉटिंग और शरीर पर कई अन्य चोटों का उल्लेख होने के कारण CBI इन तथ्यों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।
घटना का री-क्रिएशन और फॉरेंसिक जांच
मामले की तह तक पहुंचने के लिए CBI ने घटनास्थल का री-क्रिएशन भी कराया है। इस प्रक्रिया में दिल्ली से पहुंची फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की तकनीकी जांच की। इसके बावजूद एजेंसी को कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अब तक नहीं मिल पाए हैं।
दिल्ली AIIMS की रिपोर्ट का इंतजार
जांच एजेंसी को अब दो महत्वपूर्ण रिपोर्टों का इंतजार है। इनमें दोबारा कराए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और बिसरा जांच रिपोर्ट शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन रिपोर्टों से मौत की परिस्थितियों और चोटों की प्रकृति को लेकर अहम जानकारी मिल सकती है।
WhatsApp Chat और डिजिटल साक्ष्य जांच के केंद्र में
CBI अब त्विषा शर्मा की WhatsApp Chat, डिजिटल रिकॉर्ड और आरोपियों के बयानों में सामने आए विरोधाभासों की भी गहन जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी डिजिटल साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की गई थी और घटनास्थल पर मौजूद सबूतों में कोई बदलाव हुआ था।
जांच का फोकस अब CCTV Footage, Digital Evidence, Scene Recreation और आरोपियों के बयानों की सत्यता पर है। एजेंसी का मानना है कि इन पहलुओं की गहन पड़ताल से मामले के कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
आज अदालत में होगी अहम सुनवाई
CBI दोनों आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश करेगी। अदालत में एजेंसी अतिरिक्त तीन दिन की रिमांड की मांग कर सकती है, जबकि बचाव पक्ष इसका विरोध करने की तैयारी में है।
ऐसे में आज की सुनवाई न केवल रिमांड पर फैसला तय करेगी, बल्कि यह भी संकेत दे सकती है कि हाईप्रोफाइल Twisha Sharma Dowry Death Case की जांच आगे किस दिशा में बढ़ेगी।