Haridwar Traffic Jam: पूर्णिमा स्नान और Weekend Rush से हरिद्वार में लगा लंबा जाम, होटल-पार्किंग भी फुल

अधिक मास की पूर्णिमा और वीकेंड के चलते धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा स्नान के लिए देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की वजह से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। हालात ऐसे हो गए कि कई इलाकों में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।

हाईवे से लेकर शहर की सड़कों तक वाहनों की लंबी कतार

रविवार सुबह से ही दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचने लगे। दोपहर होते-होते हरकी पैड़ी, अपर रोड, चंडी चौक, शंकराचार्य चौक, सिंहद्वार और National Highway के कई हिस्सों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

अचानक बढ़ी भीड़ के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी घंटों जाम में फंसना पड़ा। शहर के प्रमुख Parking Zones जैसे पंतद्वीप, दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग और खड्ढा पार्किंग पूरी तरह भर गईं।

मनसा देवी मंदिर में भी उमड़ी भारी भीड़

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का असर प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में भी देखने को मिला। दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने कुछ समय के लिए पैदल मार्ग को नियंत्रित किया और श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से आगे भेजा।

पुलिस और प्रशासन दिनभर संभालते रहे मोर्चा

यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मैदान में डटी रहीं। एसपी ट्रैफिक, एसपी सिटी, सीओ ट्रैफिक और अन्य अधिकारियों ने स्वयं सड़कों पर उतरकर स्थिति का जायजा लिया।

अधिकारियों के अनुसार, Weekend Crowd और Purnima Snan के कारण वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर Traffic Congestion की स्थिति बन गई।

एसएसपी ने खुद संभाली कमान

जाम की गंभीर स्थिति को देखते हुए नवनीत सिंह भुल्लर स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने हरकी पैड़ी, प्रमुख घाटों और हाईवे क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को निर्देशित किया कि किसी भी वाहन के खराब होने की स्थिति में तत्काल क्रेन की मदद से उसे हटाया जाए ताकि लंबा जाम न लग सके।

गलत पार्किंग और जल्दबाजी बनी बड़ी वजह

प्रशासन का कहना है कि भीड़ बढ़ने के साथ कई वाहन चालकों ने निर्धारित पार्किंग का उपयोग करने के बजाय वाहनों को सीधे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तक ले जाने का प्रयास किया। इसके अलावा कई स्थानों पर गलत तरीके से खड़े वाहनों ने भी ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित किया।

इन कारणों से संकरी सड़कों पर दबाव बढ़ गया और कई जगह जाम की स्थिति पैदा हो गई।

होटल और धर्मशालाओं में नहीं मिले कमरे

श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या का असर होटल इंडस्ट्री पर भी दिखाई दिया। शहर के अधिकांश होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं पूरी तरह भर गईं।

कई यात्रियों को ठहरने के लिए कमरे नहीं मिल सके, जबकि कुछ को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक किराया चुकाना पड़ा। कमरे उपलब्ध न होने के कारण कई श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के बाद उसी दिन वापस लौटना पड़ा।

पुलिस की अपील

पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से वाहन न ले जाएं और प्रशासन द्वारा जारी Traffic Advisory का पालन करें।

अधिकारियों का कहना है कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, लेकिन लोगों का सहयोग भी बेहद जरूरी है।