Shalimar Bagh Demolition Drive: Why Bulldozers Are Back Again in Delhi Village
दिल्ली के Shalimar Bagh Village demolition drive में सोमवार को भी प्रशासन की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है। यहां अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े पैमाने पर bulldozer action चलाया जा रहा है, जिसमें अब तक 50% से अधिक इमारतें ध्वस्त की जा चुकी हैं।
143 अवैध इमारतों पर कार्रवाई
जिला प्रशासन के अनुसार:
शालीमार बाग गांव में कुल 143 illegal structures चिन्हित किए गए
रविवार को इनमें से आधे से अधिक भवनों को demolish कर दिया गया
बाकी इमारतों को सोमवार तक हटाने की योजना है
यह कार्रवाई भारी पुलिस सुरक्षा के बीच की गई।
कैसे चलाया गया demolition drive?
कार्रवाई से पहले प्रशासन ने कई सुरक्षा और तकनीकी कदम उठाए:
प्रभावित इमारतों की बिजली आपूर्ति काट दी गई
पूरे इलाके की roads को traffic के लिए बंद किया गया
drone surveillance के जरिए लगातार निगरानी रखी गई
सुबह से शाम तक कई bulldozers का इस्तेमाल किया गया
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
इस पूरे operation के दौरान:
Delhi Police
CRPF
Rapid Action Force (RAF)
की करीब 10 companies तैनात की गईं। इलाके को पूरी तरह सुरक्षा घेरे में रखा गया।
कोर्ट के आदेश के तहत कार्रवाई
जिला प्रशासन के मुताबिक यह demolition drive Supreme Court order compliance के तहत किया जा रहा है।
कोर्ट ने पहले ही रोक लगाने से इनकार किया था
रोड नंबर 320 के चौड़ीकरण (road widening project) के लिए कार्रवाई जरूरी बताई गई
इसे public infrastructure improvement के लिए अहम कदम बताया गया
प्रभावित लोगों को क्या मिलेगा?
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए relief and rehabilitation package घोषित किया है:
पात्र परिवारों को ₹3 lakh ex-gratia assistance
जिनके पास वैकल्पिक आवास नहीं है, उन्हें अस्थायी housing facility
सावदा घेवरा क्षेत्र में 11 महीने तक temporary accommodation
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
कार्रवाई से प्रभावित लोगों ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि:
वे कई दशकों से यहां रह रहे थे
उनके पास बिजली-पानी और पहचान दस्तावेज मौजूद हैं
बावजूद इसके घरों को गिराया जा रहा है
कुछ परिवारों ने अपने जरूरी सामान हटाने की कोशिश भी की।
Shalimar Bagh demolition drive दिल्ली के सबसे बड़े illegal construction removal operations में से एक बन गया है। कोर्ट के आदेश और रोड widening project के तहत यह कार्रवाई जारी है, जबकि प्रभावित परिवार पुनर्वास और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।