First female combat helicopter pilot to receive major UN award
संयुक्त राष्ट्र (United Nations) आज International UN Peacekeepers Day के अवसर पर भारत के तीन सैन्य अधिकारियों को विशेष सम्मान देने जा रहा है। इनमें दो भारतीय शांति रक्षकों को मरणोपरांत दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित Peacekeeping Honour से सम्मानित किया जाएगा, जबकि भारतीय सेना की महिला अधिकारी Major Abhilasha Barak को भी एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिलेगा।
यह सम्मान वैश्विक स्तर पर India’s Military Excellence, Women Empowerment और UN Peacekeeping Missions में भारत की मजबूत भूमिका को दर्शाता है।
कौन हैं Major Abhilasha Barak?
Major Abhilasha Barak भारतीय सेना की एक चर्चित और प्रेरणादायक महिला अधिकारी हैं। उन्हें Indian Army की पहली महिला Combat Helicopter Pilot होने का गौरव प्राप्त है।
अब संयुक्त राष्ट्र उन्हें वर्ष 2025 के “Military Gender Advocate of the Year” Award से सम्मानित करेगा। यह सम्मान उन्हें Lebanon में United Nations Interim Force in Lebanon (UNIFIL) मिशन के दौरान महिला सशक्तिकरण और Gender Sensitization के क्षेत्र में किए गए असाधारण कार्यों के लिए दिया जा रहा है।
वर्तमान में Major Abhilasha UNIFIL के तहत Female Engagement Team की Commander के रूप में कार्य कर रही हैं।
Major Abhilasha को क्यों मिल रहा है यह Award?
UN अधिकारियों के अनुसार Major Abhilasha ने:
Conflict zones में महिलाओं से संवाद मजबूत किया
Gender Awareness Campaign चलाए
स्थानीय समुदायों में महिला सुरक्षा और सहभागिता को बढ़ावा दिया
Peacekeeping Operations में महिलाओं की भूमिका को मजबूत बनाया
उनकी leadership और humanitarian approach को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।
इस सम्मान को पाने वाली तीसरी भारतीय महिला अधिकारी
Major Abhilasha Barak इस प्रतिष्ठित UN Award को पाने वाली तीसरी भारतीय महिला सैन्य अधिकारी बन गई हैं।
उनसे पहले:
Major Suman Gawani
Major Radhika Sen
भी यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं।
यह उपलब्धि Indian Women in Armed Forces के बढ़ते योगदान और global recognition को दर्शाती है।
भारत के 2 शहीद जवानों को मिलेगा Highest UN Honour
संयुक्त राष्ट्र इस अवसर पर भारत के दो वीर शांति रक्षकों को मरणोपरांत प्रतिष्ठित Dag Hammarskjold Medal से भी सम्मानित करेगा।
इनमें शामिल हैं:
Lance Havildar Harbhajan Singh
उन्होंने Democratic Republic of Congo में UN Stabilization Mission (MONUSCO) के तहत सेवा दी थी।
Naib Subedar Sujeet Kumar Pradhan
वे South Sudan में United Nations Mission in South Sudan (UNMISS) के दौरान कर्तव्य निभाते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
इन दोनों सैनिकों ने International Peacekeeping और Humanitarian Security के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
क्या है Dag Hammarskjold Medal?
Dag Hammarskjold Medal संयुक्त राष्ट्र का सबसे प्रतिष्ठित Peacekeeping Honour माना जाता है।
यह मेडल उन UN Peacekeepers को दिया जाता है जिन्होंने:
Peace Missions के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया हो
Conflict Zones में मानवता और शांति की रक्षा की हो
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने में योगदान दिया हो
यह सम्मान वैश्विक स्तर पर अत्यंत प्रतिष्ठित माना जाता है।
UN Peacekeeping Missions में भारत की बड़ी भूमिका
भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों (UN Peacekeeping Missions) में अग्रणी देशों में शामिल रहा है।
मुख्य आंकड़े
4,200+ भारतीय सैन्य और पुलिस कर्मी वर्तमान में UN Missions का हिस्सा
155 भारतीय महिला सैनिक सक्रिय तैनाती में
लगभग 180 भारतीय Peacekeepers अब तक शहीद
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Troop Contributor
भारतीय सैनिक वर्तमान में इन क्षेत्रों में तैनात हैं:
Lebanon
Congo
South Sudan
Somalia
Cyprus
Western Sahara
Abyei
दुनिया क्यों करती है भारतीय Peacekeepers पर भरोसा?
भारतीय शांति रक्षक अपनी:
Professionalism
Discipline
Humanitarian Approach
Courage under Conflict
के लिए दुनियाभर में सम्मानित माने जाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र मिशनों में भारतीय सैनिक केवल सुरक्षा ही नहीं बल्कि:
Medical Aid
Civilian Protection
Women Empowerment
Community Support
जैसे कार्यों में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
India’s Global Military Image हुई मजबूत
Major Abhilasha Barak और भारतीय शहीद सैनिकों को मिलने वाला यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि India’s Global Defence Reputation का भी प्रतीक माना जा रहा है।
यह दिखाता है कि भारत अब केवल क्षेत्रीय शक्ति नहीं बल्कि Global Peacekeeping और Humanitarian Operations में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।