Major development in Delhi High Court, Justice Sharma orders contempt proceedings against Kejriwal
Delhi High Court में शराब घोटाला मामले की सुनवाई के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जस्टिस Swarna Kanta Sharma ने पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal समेत कई Aam Aadmi Party नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया।
मामले से खुद को अलग (Recuse) करने से पहले जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने बेहद सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें डराने, दबाव बनाने और बदनाम करने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा:
“वे मुझे डराना चाहते थे… लेकिन मैंने डरने से इनकार कर दिया।”
जस्टिस शर्मा के मुताबिक सोशल मीडिया पर उनके वीडियो को एडिट करके शेयर किया गया और उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया गया।
‘मेरा मजाक उड़ाना चाहते थे’
कोर्ट ने कहा कि सामान्य आलोचना और न्यायालय की अवमानना में फर्क होता है। जस्टिस शर्मा ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर चुनिंदा वीडियो क्लिप्स शेयर कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश हुई।
उन्होंने कहा:
“वे मेरा मजाक उड़ाना चाहते थे। संदेश यह देने की कोशिश की गई कि यदि जज राजनीतिक शक्ति के मुताबिक काम न करे तो उसे बदनाम किया जाएगा।”
बच्चों को भी घसीटने का आरोप
जस्टिस शर्मा ने यह भी कहा कि इस अभियान में उनके परिवार और बच्चों को भी शामिल किया गया, जबकि उनका मामले से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने इसे न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला बताया।
कोर्ट ने क्या माना?
अदालत ने माना कि आरोपियों की गतिविधियां पहली नजर में Contempt of Courts Act, 1971 के तहत आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आती हैं।
कोर्ट के अनुसार:
न्यायपालिका की छवि खराब करने की कोशिश हुई
न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप किया गया
जजों को भयभीत करने का प्रयास किया गया
शराब घोटाला केस में बढ़ी मुश्किलें
यह पूरा मामला कथित Delhi Liquor Policy Case से जुड़ा हुआ है। अब अवमानना कार्रवाई के बाद अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
इस घटनाक्रम ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता, राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया कैंपेन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।