Haridwar Ramshankar Murder Case में बड़ा मोड़, अब CBI करेगी जांच

Haridwar के चर्चित रामशंकर हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दिसंबर 2024 में हुए इस Murder Case की जांच अब Central Bureau of Investigation (CBI) करेगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI की देहरादून शाखा में इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। यह कार्रवाई मृतक रामशंकर की पत्नी द्वारा दायर याचिका पर हुई सुनवाई के बाद सामने आई, जिसमें पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।

High Court ने पुलिस जांच पर जताई नाराजगी

Uttarakhand High Court ने सुनवाई के दौरान माना कि Khanpur पुलिस ने मामले की जांच में कई स्तरों पर लापरवाही बरती।

कोर्ट की टिप्पणी के अनुसार:

बिना Forensic Investigation के Chargesheet दाखिल कर दी गई
दो अहम आरोपियों की गहन जांच नहीं हुई
कुछ नामों को आरोपपत्र से बाहर कर दिया गया
घटना में इस्तेमाल कार का Route Tracking नहीं किया गया
Vehicle और Crime Scene की वैज्ञानिक जांच अधूरी रही

इन बिंदुओं को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया।

कैसे सामने आया था मामला?

यह पूरा मामला 8 दिसंबर 2024 का है। चंद्रपुरी गांव निवासी रामशंकर अचानक घर से लापता हो गए थे। अगले दिन उनके पिता ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

करीब पांच दिन बाद पुलिस ने गांव के ही एक संदिग्ध रोबिन और एक नाबालिग को हिरासत में लिया।

पूछताछ में सामने आया हत्या का दावा

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि:

पहले लूटपाट की गई
बाद में रामशंकर की हत्या कर दी गई
शव को कार में रखकर Banganga River किनारे रेत में दबा दिया गया

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने प्लास्टिक के बोरे में बंद शव बरामद किया था।

Car Recovery और अन्य आरोपी भी आए सामने

जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कार भी बरामद की थी। यह वाहन स्थानीय निवासी अनिल कुमार का बताया गया, जिसे कथित रूप से सोनू फौजी नामक व्यक्ति घटना से पहले लेकर गया था।

मामले में कुल पांच लोगों के नाम सामने आए थे, लेकिन पुलिस ने केवल:

रोबिन
अंकित
एक नाबालिग

के खिलाफ ही Chargesheet दाखिल की थी।

CBI जांच से क्या बदल सकता है?

अब CBI Investigation के बाद:

Crime Scene Reconstruction
Digital Evidence Analysis
Forensic Examination
Call Detail Records (CDR)
Vehicle Tracking
अन्य संदिग्धों की भूमिका

जैसे पहलुओं की दोबारा जांच की जा सकती है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से केस में नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

परिवार ने जताई उम्मीद

मृतक परिवार का कहना है कि उन्हें शुरुआत से पुलिस जांच पर भरोसा नहीं था। अब CBI जांच शुरू होने से उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने की उम्मीद है।

Uttarakhand में चर्चाओं का केंद्र बना मामला

यह केस अब Uttarakhand Crime News और Law & Order से जुड़े प्रमुख मामलों में शामिल हो गया है।