जंगली जानवरों से तबाह होती खेती पर अब लगेगी लगाम? केंद्र ने खोला 25 करोड़ का खजाना

Uttarakhand News: उत्तराखंड में जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार ने राज्य में crop protection को मजबूत करने के लिए 25 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह राशि खास तौर पर farm fencing जैसी व्यवस्थाओं के लिए मददगार मानी जा रही है, ताकि खेतों को wildlife threat से सुरक्षित किया जा सके और किसानों को लगातार हो रहे नुकसान से बचाया जा सके।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह मंजूरी उस प्रस्ताव के बाद मिली है जो राज्य सरकार ने केंद्र से वित्तीय सहायता के लिए भेजा था। प्रस्ताव में कहा गया था कि उत्तराखंड के कई इलाकों में जंगली जानवरों की वजह से खेती को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसलिए खेतों की सुरक्षा के लिए fencing जैसे उपाय जरूरी हैं। इसी मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए केंद्र ने आर्थिक सहायता देने का फैसला किया।

केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami को भेजे पत्र में इस स्वीकृति की जानकारी दी। इसे राज्य के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण support package माना जा रहा है। पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में खेती पहले ही कई तरह की चुनौतियों से घिरी रहती है, ऐसे में wild animal attacks के कारण होने वाला crop loss किसानों की कमर तोड़ देता है। अब यह फंड इस समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मदद के लिए केंद्र सरकार और केंद्रीय कृषि मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों को बड़ी राहत देगा और उनकी मेहनत को बेकार होने से बचाएगा। उनके मुताबिक, फसलों की सुरक्षा मजबूत होने से न केवल agricultural production पर सकारात्मक असर पड़ेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा।

इसी दिन देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने महिलाओं, यानी Matrishakti, से भी संवाद किया। यह आयोजन राज्य में भाजपा सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर रखा गया था। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्थानीय उत्पादों की बढ़ती मांग, self-employment के अवसर और local economy को मजबूत करने के प्रयासों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं मेहनत, आत्मविश्वास और उद्यमिता के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ताकत दे रही हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी दोहराया कि उनकी सरकार development and heritage दोनों को साथ लेकर चलने की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को पूरा करना और प्रदेश के लोगों की आकांक्षाओं पर खरा उतरना सरकार की प्राथमिकता है। उनके अनुसार, उत्तराखंड को मजबूत, समृद्ध और self-reliant state बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य के विकास मॉडल में आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय संतुलन दोनों को बराबर महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने sustainable development पर जोर देते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में ऐसा विकास चाहिए जो रोजगार और आय बढ़ाए, लेकिन प्रकृति और पारिस्थितिकी को नुकसान न पहुंचाए। यही वजह है कि कृषि, ग्रामीण आजीविका, स्थानीय उत्पाद और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़कर योजनाएं बनाई जा रही हैं।

कुल मिलाकर, Rs 25 crore sanction सिर्फ एक वित्तीय मदद नहीं, बल्कि किसानों के हित में लिया गया एक व्यावहारिक कदम माना जा रहा है। यदि इस राशि का सही इस्तेमाल farm fencing और crop safety infrastructure पर होता है, तो इससे राज्य के हजारों किसानों को सीधा फायदा मिल सकता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इस योजना को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है।