कुंभ 2027 से पहले क्यों बदलने वाले हैं देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशन?

कुंभ 2027 की तैयारियों को देखते हुए रेलवे ने हरिद्वार और देहरादून रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की बड़ी योजना बनाई है। दोनों प्रमुख स्टेशनों के redevelopment और passenger facilities upgrade के लिए कुल 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से यात्रियों को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव देने पर फोकस किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, हरिद्वार जंक्शन और देहरादून स्टेशन के लिए लगभग 7.5-7.5 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके साथ ही मोतीचूर, ज्वालापुर और हर्रावाला रेलवे स्टेशन पर भी बुनियादी और उन्नत सुविधाओं को बेहतर बनाने की तैयारी चल रही है। इन स्टेशनों को भी Kumbh 2027 infrastructure plan के तहत विकसित किया जाएगा।

रेलवे का उद्देश्य सिर्फ स्टेशनों की बाहरी सजावट तक सीमित नहीं है, बल्कि traveler comfort, crowd management और smart station experience को मजबूत करना भी है। इसी दिशा में waiting hall, living area, modern design, better lighting, digital signage और अन्य जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे तीर्थयात्रियों और आम यात्रियों दोनों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

हरिद्वार और देहरादून स्टेशन पर जिन सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, उनमें automatic escalators, lift facility, modern waiting area, food units, Wi-Fi service, digital display system और बेहतर lighting system शामिल हैं। इसके अलावा locker room, dormitory, living room और यात्रियों के ठहरने के कमरों की व्यवस्था को भी अधिक व्यवस्थित और उपयोगी बनाया जाएगा। रेलवे इन स्टेशनों को आने वाले समय के लिए अधिक passenger-friendly railway station के रूप में विकसित करना चाहता है।

कुंभ मेले के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने आसपास के स्टेशनों पर भी तैयारी शुरू कर दी है। मोतीचूर, ज्वालापुर और हर्रावाला स्टेशन पर permanent holding area बनाए जाने की योजना है, ताकि भीड़ नियंत्रण बेहतर हो सके और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। यह कदम crowd control, pilgrim management और travel convenience के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल से जुड़े अधिकारियों ने भी संकेत दिए हैं कि दोनों प्रमुख स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बढ़ाना फिलहाल प्राथमिकता में है। रेलवे प्रशासन का जोर इस बात पर है कि अर्धकुंभ और कुंभ 2027 से पहले इन स्टेशनों पर जरूरी सुविधाएं धरातल पर नजर आने लगें।

इसी बीच हरिद्वार में प्रस्तावित Command and Control Center के निर्माण को भी मंजूरी मिली है। कुंभ 2027 के लिए इस परियोजना पर लगभग 20.11 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। यह सेंटर मेले के दौरान monitoring, security coordination और real-time management system को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

राज्य सरकार ने इसके अलावा कई अन्य विकास कार्यों को भी आर्थिक मंजूरी दी है। अलग-अलग जिलों में community hall construction, temple beautification, flood protection work, office building development और public infrastructure projects को भी स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक, शहरी और सार्वजनिक ढांचे को अधिक मजबूत बनाना है।

कुल मिलाकर, हरिद्वार और देहरादून रेलवे स्टेशन upgrade की यह योजना सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि एक बड़े travel infrastructure improvement project का हिस्सा है। कुंभ 2027 से पहले यदि ये कार्य तय समय पर पूरे होते हैं, तो यात्रियों को पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर, स्मार्ट और आरामदायक रेलवे सुविधाएं मिल सकती हैं।